एमएमडीआर कानून के प्रभाव को लेकर भाजपा नेता करें स्थिति स्पष्ट : विनोद
रांची, 21 सितंबर (हि.स.)। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के केन्द्रीय महासचिव विनोद पांडेय ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा नेताओं को झारखंड के इतिहास और यहां के लोगों के संघर्ष को समझने के बाद ही झारखंडियों को उपदेश देना चाहिए। झारखंड की धरती भाजपा की नहीं यहां की जल जंगल जमीन पर झारखंडवासियों का हक है। उन्होंने सोमवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि झारखंड की मिट्टी में बिरसा मुंडा, सिदो-कान्हू, चांद-भैरव, फूलो-झानो और दिशोम गुरु शिबू सोरेन सहित अनेक वीरों के संघर्ष और बलिदान की गाथा जुड़ी है।
विनोद पांडेय ने कहा कि झारखंड आंदोलन में माताओं-बहनों और आम लोगों ने भी बड़ा त्याग किया है। ऐसे में राज्य की संपदा और अधिकारों को लेकर बाहर से फैसला सुनाना झारखंडियों के संघर्ष का अपमान है।
उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि उसे झारखंड की खनिज संपदा और जनता के हित से अधिक कॉरपोरेट हितों की चिंता है। उन्होंने कहा कि एमएमडीआर कानून के लागू होने से झारखंड के खनिज अधिकारों और राजस्व पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर भाजपा नेताओं को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। राज्य सरकार इसी मुद्दे को केंद्र के समक्ष उठा रही है। उन्होंने कहा कि झामुमो का आंदोलन किसी दल के खिलाफ नहीं, बल्कि झारखंड के अधिकार और राज्यहित की लड़ाई है। जल, जंगल, जमीन और खनिज संपदा के अधिकार से झामुमो पीछे नहीं हटेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar

