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प्राकृतिक खेती और श्रीअन्न को बढ़ावा देने पर कार्यशाला

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प्राकृतिक खेती और श्रीअन्न को बढ़ावा देने पर कार्यशाला


- किसानों से कम लागत वाली खेती अपनाने का आह्वान

रांची, 27 जून (हि.स.)। रांची स्थित दिव्यायन कृषि विज्ञान केंद्र, मोराबादी में शनिवार को प्राकृतिक खेती और श्रीअन्न (मिलेट्स) को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। झारखंड भाजपा किसान मोर्चा के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यशाला की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष पवन साहू ने की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में स्वामी भावेशानंद, भाजपा के प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी तथा प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए सैकड़ों किसानों ने भाग लिया।

कार्यशाला को संबोधित करते हुए स्वामी भावेशानंद ने कहा कि भारत कृषि प्रधान देश है और किसानों की समृद्धि के बिना देश के विकास की कल्पना नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। प्रधानमंत्री का वर्ष 2047 तक भारत को विश्वगुरु बनाने का संकल्प तभी साकार होगा, जब देश का किसान आर्थिक रूप से सशक्त होगा और कृषि क्षेत्र आत्मनिर्भर बनेगा।

भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष पवन साहू ने किसानों को रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अंधाधुंध उपयोग से होने वाले दुष्प्रभावों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि रासायनिक खेती से मिट्टी की उर्वरा शक्ति लगातार घट रही है, उत्पादन लागत बढ़ रही है और इसका प्रतिकूल असर मानव स्वास्थ्य तथा पर्यावरण पर भी पड़ रहा है। उन्होंने किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाकर कम लागत में अधिक एवं गुणवत्तापूर्ण उत्पादन प्राप्त करने का आह्वान किया।

कार्यशाला में विशेषज्ञों ने भी किसानों को प्राकृतिक खेती और श्रीअन्न के महत्व से अवगत कराया। डॉ. बिसाखा सिंह ने मड़ुवा सहित अन्य मोटे अनाजों के पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी लाभों की जानकारी देते हुए बताया कि श्रीअन्न कैल्शियम, आयरन, फाइबर और अन्य पोषक तत्वों का समृद्ध स्रोत है तथा इसके नियमित सेवन से कई स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं।

वहीं, डॉ. अजित कुमार सिंह ने प्राकृतिक खेती में गोमूत्र, गोबर, बेसन और गुड़ से तैयार जैविक घोल एवं खाद बनाने की विधि तथा उसके उपयोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक संसाधनों से तैयार जैविक खाद मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ाने, फसल की गुणवत्ता सुधारने, उत्पादन लागत घटाने और पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

कार्यशाला में प्रदेश महामंत्री अर्जुन सिंह, राजेश कुशवाहा, अरबिंद्र सिंह खुराना, विनोद ठाकुर, अजय मुंडा, रांची महानगर अध्यक्ष वरुण साहू, ग्रामीण जिला पूर्वी अध्यक्ष धीरज कुमार महतो, प्रदेश मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र सिंह, सुरेंद्र महतो, सज्जन कुमार पंकज, संजय मंडल, अवदेश दुबे, बिट्टी सहदेव सहित अनेक पदाधिकारी, कृषि विशेषज्ञ और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंत में किसानों ने प्राकृतिक खेती और श्रीअन्न के उत्पादन को बढ़ावा देने का संकल्प लिया तथा विशेषज्ञों के सुझावों को अपने खेतों में अपनाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।-----------------

हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे