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ट्रेजरी घोटाले को दबाने में लगी है हेमंत सरकार, दोषियों को बचाया जा रहा : प्रतुल शाहदेव

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ट्रेजरी घोटाले को दबाने में लगी है हेमंत सरकार, दोषियों को बचाया जा रहा : प्रतुल शाहदेव


रांची, 23 जून (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने राज्य में कथित हजारों करोड़ रुपये के ट्रेजरी घोटाले को लेकर हेमंत सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सुनियोजित तरीके से इस मामले को दबाने का प्रयास कर रही है और जांच प्रक्रिया को जानबूझकर धीमा रखा जा रहा है।

मंगलवार को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में प्रतुल शाहदेव ने कहा कि ट्रेजरी घोटाले की जांच शुरू हुए दो महीने से अधिक समय बीत चुके हैं, लेकिन अब तक केवल निचले स्तर के लोगों पर कार्रवाई कर खानापूर्ति की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले के वास्तविक जिम्मेदार और प्रभावशाली लोगों तक जांच की पहुंच नहीं हो पा रही है।

भाजपा नेता ने कहा कि राज्य सरकार ने इस मामले में विशेष ऑडिट (स्पेशल ऑडिट) के लिए महालेखाकार (अकाउंटेंट जनरल) से अनुशंसा की थी, लेकिन दो महीने बीत जाने के बाद भी महालेखाकार कार्यालय द्वारा मांगे गए आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। उनके अनुसार यह स्थिति संदेह पैदा करती है और घोटाले को दबाने की साजिश का हिस्सा प्रतीत होती है।

प्रतुल शाहदेव ने दावा किया कि राज्य के वित्त मंत्री स्वयं यह स्वीकार कर चुके हैं कि लगभग 10 हजार करोड़ रुपये के खजाने का हिसाब नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि यदि इतनी बड़ी राशि का लेखा-जोखा उपलब्ध नहीं है, तो यह गंभीर वित्तीय अनियमितता का मामला है और इसकी निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच होनी चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रेजरी घोटाले जैसे गंभीर मामले में प्रथम दृष्टया संलिप्त पाए जाने वाले किसी भी ट्रेजरी अधिकारी को अब तक न तो पद से हटाया गया है और न ही उनके खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई की गई है। इससे यह संदेश जाता है कि सरकार बड़े स्तर पर जिम्मेदार लोगों को बचाने का प्रयास कर रही है।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि जिन बैंक खातों को फ्रीज किया गया है, वे अपेक्षाकृत छोटे कर्मचारियों या निचले स्तर के लोगों से जुड़े बताए जा रहे हैं, जबकि पूरे मामले के कथित मुख्य लाभार्थियों और प्रभावशाली लोगों तक जांच की आंच नहीं पहुंची है। उन्होंने कहा कि अब तक जांच रिपोर्ट प्रस्तुत किए जाने के भी कोई संकेत नहीं मिले हैं।

प्रतुल शाहदेव ने विशेष जांच दल (एसआईटी) और सीआईडी जांच टीम के गठन को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भाजपा शुरू से ही जांच एजेंसियों की संरचना और उनकी निष्पक्षता को लेकर चिंता जताती रही है। सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि जांच पूरी करने और रिपोर्ट सौंपने के लिए कोई समय-सीमा निर्धारित नहीं की गई है।

उन्होंने कहा कि भाजपा आदिवासी-मूलवासी जनता की गाढ़ी कमाई के पैसे की लूट को किसी भी कीमत पर नजरअंदाज नहीं होने देगी। पार्टी इस मुद्दे को सड़क से लेकर सदन तक उठाएगी और दोषियों को दंडित कराने के लिए संघर्ष जारी रखेगी।

भाजपा ने मांग की है कि ट्रेजरी घोटाले की जांच समयबद्ध तरीके से कराई जाए, प्रथम दृष्टया दोषी अधिकारियों को तत्काल निलंबित किया जाए तथा पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित की जाए। पार्टी का कहना है कि जनता के धन के उपयोग और लेखा-जोखा को लेकर किसी भी प्रकार की अनियमितता पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।-------------

हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे