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खरीफ तैयारियों को लेकर भाजपा का हेमंत सरकार पर हमला, किसानों के लिए समय पर बीज-खाद उपलब्ध कराने की मांग

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खरीफ तैयारियों को लेकर भाजपा का हेमंत सरकार पर हमला, किसानों के लिए समय पर बीज-खाद उपलब्ध कराने की मांग


रांची, 18 जुलाई (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने झारखंड में खरीफ मौसम की तैयारियों को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए किसानों के लिए समय पर बीज और उर्वरक उपलब्ध नहीं कराने का आरोप लगाया है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता मृत्युंजय शर्मा ने शनिवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन स्वयं स्वीकार कर चुके हैं कि राज्य में इस वर्ष सामान्य से कम वर्षा हो रही है और सूखे की आशंका को देखते हुए अधिकारियों को आवश्यक योजनाएं बनाने तथा किसानों को समय पर बीज और खाद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि खरीफ सीजन शुरू होने के बाद सरकार को इन निर्देशों की आवश्यकता क्यों पड़ी।

मृत्युंजय शर्मा ने कहा कि यदि सरकार ने समय रहते तैयारी की होती तो आज किसानों को बीज और खाद के लिए भटकना नहीं पड़ता। उन्होंने आरोप लगाया कि कृषि कार्य का सबसे महत्वपूर्ण समय बीतता जा रहा है, जबकि राज्य के अनेक हिस्सों से किसानों को बीज और उर्वरक उपलब्ध नहीं होने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। उनके अनुसार मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक स्वयं इस बात का संकेत है कि सरकार की तैयारियां समय पर पूरी नहीं हो सकीं। कमजोर मानसून की आशंका के बीच यह स्थिति किसानों की चिंताओं को और बढ़ाने वाली है।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि राज्य सरकार ने इस वर्ष 18 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में धान की खेती का लक्ष्य निर्धारित किया है, लेकिन 15 जुलाई तक केवल 2.36 लाख हेक्टेयर, यानी लगभग 13.14 प्रतिशत क्षेत्र में ही धान की बुआई और रोपाई हो सकी है। उन्होंने दावा किया कि पलामू प्रमंडल के कई जिलों में धान की बुआई और रोपाई लगभग नहीं के बराबर हुई है। उनके अनुसार यह स्थिति केवल कम वर्षा का परिणाम नहीं, बल्कि समय पर बीज, खाद और अन्य आवश्यक कृषि संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने में सरकार की विफलता को भी दर्शाती है।

मृत्युंजय शर्मा ने आरोप लगाया कि हेमंत सरकार की किसान विरोधी कार्यशैली नई नहीं है। वर्ष 2025-26 के धान खरीद सत्र में भी सरकार किसानों के साथ न्याय नहीं कर सकी। सरकार ने 60 लाख क्विंटल धान खरीद का लक्ष्य रखा था, लेकिन खरीद अवधि समाप्त होने तक केवल लगभग 30 लाख क्विंटल धान की ही खरीद हो सकी। उन्होंने दावा किया कि हजारों किसानों को अपनी उपज बेचने का अवसर नहीं मिला, भुगतान में देरी हुई और कई किसानों को मजबूरी में अपनी फसल कम कीमत पर बेचनी पड़ी।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि सरकार ने पिछली कमियों से भी कोई सबक नहीं लिया है। यदि मुख्यमंत्री वास्तव में किसानों के हितों को लेकर गंभीर हैं तो केवल समीक्षा बैठकें और निर्देश जारी करना पर्याप्त नहीं होगा। सरकार को तत्काल सभी जिलों में बीज और उर्वरक की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करनी चाहिए, संभावित सूखे की स्थिति से निपटने के लिए जिला स्तर पर प्रभावी कार्ययोजना लागू करनी चाहिए तथा किसानों को समय पर तकनीकी और आर्थिक सहायता उपलब्ध करानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो कमजोर मानसून और सरकारी लापरवाही का दोहरा संकट राज्य के किसानों पर भारी पड़ सकता है। भाजपा ने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए त्वरित और प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।

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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे