home page

जेपीएससी की परीक्षाओं में गड़बड़ी का आरोप, भाजपा ने की पीटी परीक्षा रद्द कर सीबीआई जांच की मांग

 | 
जेपीएससी की परीक्षाओं में गड़बड़ी का आरोप, भाजपा ने की पीटी परीक्षा रद्द कर सीबीआई जांच की मांग


रांची, 06 जुलाई (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की हालिया प्रतियोगी परीक्षाओं और उनके परिणामों में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए प्रारंभिक परीक्षा (पीटी) रद्द करने तथा पूरे मामले की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग की है। पार्टी के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने आरोप लगाया कि आयोग की कार्यप्रणाली अपारदर्शी हो गई है, जिससे लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है।

सोमवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में प्रतुल शाहदेव ने आरोप लगाया कि हेमंत सोरेन सरकार के संरक्षण में जेपीएससी योग्यता आधारित चयन संस्था के बजाय अव्यवस्था, अपारदर्शिता और छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ का प्रतीक बन गया है। उन्होंने कहा कि आयोग की कार्यशैली के कारण प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता लगातार सवालों के घेरे में आ रही है।

भाजपा प्रवक्ता ने दावा किया कि हालिया सिविल सेवा परीक्षा में 103 पदों के लिए 2,204 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया, लेकिन आयोग ने कटऑफ अंक सार्वजनिक नहीं किए। इसके अलावा परिणाम पर आयोग के तीनों सदस्यों के हस्ताक्षर नहीं होने और मेरिट सूची को लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बैकलॉग पीटी परीक्षा में 832 अभ्यर्थियों का रिकॉर्ड स्पष्ट नहीं है, जिससे पूरी चयन प्रक्रिया संदेह के घेरे में आ गई है।

प्रतुल शाहदेव ने कहा कि झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाएं अब प्रतिभा की नहीं, बल्कि अनिश्चितता, भ्रम और मानसिक प्रताड़ना का माध्यम बन गई हैं। उनके अनुसार, कभी परीक्षाओं के आयोजन में वर्षों की देरी होती है तो कभी परिणाम घोषित होने के बाद मॉडल उत्तर, कटऑफ, मूल्यांकन प्रक्रिया और अन्य तकनीकी पहलुओं को लेकर विवाद सामने आते हैं। उन्होंने दावा किया कि इससे अभ्यर्थियों का आयोग पर से विश्वास कमजोर हुआ है।

भाजपा नेता ने ओएमआर शीट में भी कथित अनियमितताओं का आरोप लगाया। उन्होंने प्रेसवार्ता के दौरान एक ओएमआर शीट का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए दावा किया कि संबंधित अभ्यर्थी को पहले प्रश्नपत्र में 100 में 48 अंक मिले, जबकि दूसरे प्रश्नपत्र में सफल होने के लिए 97 अंक प्राप्त होना आवश्यक था। उन्होंने कहा कि परीक्षा विशेषज्ञों के अनुसार ऐसी स्थिति सामान्य परिस्थितियों में संभव नहीं प्रतीत होती, जिससे पूरी परीक्षा प्रक्रिया पर संदेह उत्पन्न होता है।

भाजपा ने मांग की कि जेपीएससी की पीटी परीक्षा तत्काल रद्द की जाए और पूरे मामले की सीबीआई जांच कराई जाए। साथ ही हालिया विवादित परीक्षाओं और उनके परिणामों की स्वतंत्र जांच कराने, कटऑफ, मेरिट निर्धारण की प्रक्रिया तथा मूल्यांकन से जुड़े सभी विवरण सार्वजनिक करने और किसी भी स्तर पर अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने की भी मांग की।

प्रतुल शाहदेव ने राज्य के प्रतियोगी छात्रों से लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह केवल एक परीक्षा या एक बैच का नहीं, बल्कि झारखंड के लाखों युवाओं के भविष्य का प्रश्न है और भाजपा उन छात्रों के साथ खड़ी रहेगी, जो अपने साथ अन्याय होने का आरोप लगा रहे हैं।

प्रेसवार्ता में भाजपा प्रदेश के सह मीडिया प्रभारी अजय राय और नीरज सिंह भी उपस्थित थे।

-----------

हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे