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बीआईटी मेसरा के 72वें स्थापना दिवस पर एनवीडिया-पावर्ड सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की घोषणा, एआई और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग को मिलेगा बढ़ावा

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बीआईटी मेसरा के 72वें स्थापना दिवस पर एनवीडिया-पावर्ड सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की घोषणा, एआई और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग को मिलेगा बढ़ावा


बीआईटी मेसरा के 72वें स्थापना दिवस पर एनवीडिया-पावर्ड सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की घोषणा, एआई और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग को मिलेगा बढ़ावा


रांची, 15 जुलाई (हि.स.)। बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (बीआईटी), मेसरा ने बुधवार को अपना 72वां स्थापना दिवस उत्साहपूर्वक मनाया। समारोह में संस्थान के नेतृत्व, पूर्व छात्रों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियों ने भाग लिया। इस अवसर पर संस्थान की सात दशक से अधिक की शैक्षणिक यात्रा, उपलब्धियों तथा देश में इंजीनियरिंग, प्रौद्योगिकी और अनुप्रयुक्त विज्ञान शिक्षा में उसके योगदान पर विस्तार से चर्चा की गई।

कार्यक्रम में झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। वहीं आईआईटी भुवनेश्वर के निदेशक प्रो. एस. करमलकर और टेगा इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मदन मोहनका विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

स्थापना दिवस के अवसर पर बीआईटी मेसरा ने अपनी अनुसंधान एवं उन्नत कंप्यूटिंग क्षमताओं को सुदृढ़ करने के लिए एनवीडिया-पावर्ड सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की घोषणा की। यह केंद्र हाई-परफॉर्मेंस जीपीयू आधारित कंप्यूटिंग सुविधा उपलब्ध कराएगा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), डेटा साइंस, रोबोटिक्स, वीएलएसआई, ड्रग डिस्कवरी, प्रेसिजन एग्रीकल्चर, सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी सहित अन्य उभरते क्षेत्रों में अनुसंधान, प्रशिक्षण और उद्योग-जगत के साथ सहयोग को नई गति देगा।

संस्थान के अनुसार, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में एनवीडिया बी200 जीपीयू से लैस आठ हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग सिस्टम स्थापित किए जाएंगे। यह सुविधा पब्लिक आईपी आधारित एक्सेस के माध्यम से अधिकृत उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध होगी, जिससे शिक्षकों, शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों, स्टार्टअप्स और उद्योग जगत के साझेदारों को अत्याधुनिक कंप्यूटिंग संसाधनों का लाभ मिल सकेगा।

राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने अपने संबोधन में कहा कि बीआईटी मेसरा ने अकादमिक उत्कृष्टता और नवाचार की अपनी समृद्ध परंपरा के बल पर भारत की तकनीकी प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग पर आधारित यह सेंटर ऑफ एक्सीलेंस झारखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश के छात्रों, शोधकर्ताओं और उद्योग जगत के लिए नए अवसरों का सृजन करेगा तथा भविष्य की तकनीकी चुनौतियों के अनुरूप मानव संसाधन तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

बीआईटी मेसरा के चांसलर सी.के. बिरला ने कहा कि संस्थान की स्थापना ज्ञान, अनुशासन और नवाचार के माध्यम से समाज की सेवा करने के उद्देश्य से की गई थी। उन्होंने कहा कि पिछले सात दशकों में बीआईटी मेसरा ने इंजीनियरिंग और तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। उनके अनुसार एनवीडिया-पावर्ड सेंटर ऑफ एक्सीलेंस संस्थान की अनुसंधान क्षमता को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा और विद्यार्थियों व शिक्षकों को भविष्य की अत्याधुनिक तकनीकों पर कार्य करने का अवसर प्रदान करेगा।

कुलपति प्रो. इंद्रनील मन्ना ने कहा कि नया सेंटर ऑफ एक्सीलेंस उन्नत अनुसंधान और प्रशिक्षण के क्षेत्र में संस्थान की क्षमता को और मजबूत करेगा। इससे इंजीनियरिंग, विज्ञान और एप्लाइड रिसर्च के विभिन्न क्षेत्रों के बीच समन्वय बढ़ेगा, साथ ही उद्योग, स्टार्टअप और राष्ट्रीय मिशनों के साथ सहयोग को भी नई दिशा मिलेगी।

स्थापना दिवस समारोह के दौरान शिक्षा, अनुसंधान, उद्योग, प्रौद्योगिकी, उद्यमिता और समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले शिक्षकों एवं पूर्व छात्रों को सम्मानित किया गया। डिस्टिंग्विश्ड टीचर अवार्ड्स-2026 मरणोपरांत प्रो. जी.बी. पंत (स्पेस इंजीनियरिंग एवं रॉकेट्री विभाग के संस्थापक), प्रो. उत्पल बाउल (प्रबंधन विभाग) और प्रो. बी.एन. दास (इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक्स इंजियरिंग विभाग) को प्रदान किए गए।

इसके अलावा डिस्टिंग्विश्ड एलुमनाई अवार्ड्स-2026 के तहत 'लीडरशिप इन कॉर्पोरेट वर्ल्ड, इंडस्ट्री, एकेडेमिया एंड रिसर्च इंस्टीट्यूशन्स' श्रेणी में अश्विनी कुमार तिवारी (1989 बैच), राजेश शर्मा (1991 बैच) और विक्रम कुमार (1988 बैच) को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे