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भगवान के प्रति प्रेम, श्रद्धा और समर्पण का प्रतीक है छप्पन भोग : आचार्य मृदुल कृष्ण

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भगवान के प्रति प्रेम, श्रद्धा और समर्पण का प्रतीक है छप्पन भोग : आचार्य मृदुल कृष्ण


भगवान के प्रति प्रेम, श्रद्धा और समर्पण का प्रतीक है छप्पन भोग : आचार्य मृदुल कृष्ण


भगवान के प्रति प्रेम, श्रद्धा और समर्पण का प्रतीक है छप्पन भोग : आचार्य मृदुल कृष्ण


रामगढ़, 08 अक्टूबर (हि.स.)। रामगढ़ के रांची रोड स्थित जिमखाना क्लब रिजॉर्ट में रुंगटा परिवार की ओर से रामचंद्र रूंगटा की स्मृति में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा श्रद्धा और भक्ति के साथ जारी है।

कथा के दौरान गुरुवार को भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और नंदोत्सव के प्रसंग ने कथा पंडाल को भक्तिमय बना दिया। गोविंद मेरो है, गोपाल मेरो है... जैसे भजनों पर श्रद्धालु झूम उठे। आचार्यश्री ने कहा कि दूसरों को खुशी और सम्मान देने की भावना ही जीवन को आनंद से भरती है।

कथा में भगवान श्रीकृष्ण की गोवर्धन लीला का भावपूर्ण वर्णन किया गया। आचार्यश्री ने प्रकृति, गौवंश और पर्यावरण के संरक्षण के साथ अहंकार त्याग का संदेश दिया। इसके बाद गिरिराज महाराज का पूजन कर भगवान को छप्पन भोग अर्पित किया गया।

उन्होंने कहा कि छप्पन भोग केवल विभिन्न पकवानों का प्रसाद नहीं, बल्कि भगवान के प्रति प्रेम, श्रद्धा और समर्पण का प्रतीक है। भगवान को भोग की विविधता से अधिक भक्त की भावना प्रिय होती है।

उनके भजनों और हरिनाम संकीर्तन से कथा परिसर कृष्णमय हो गया। श्रद्धालु भक्ति में झूमते रहे। कथा के प्रारंभ में मुख्य यजमान माया रूंगटा, उनके पुत्र अभिषेक, आलोक एवं आशीष रूंगटा ने परिवार सहित व्यासपीठ का पूजन किया। वहीं इस दौरान केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ कथा स्थल पहुंचे और कथा का श्रवण किया। उनके साथ ही मांडू विधायक निर्मल महतो भी कथा में शामिल हुए।

व्यासपीठ से आचार्यश्री ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माताश्री के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने श्रद्धालुओं से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए एक मिनट का मौन रखने का आग्रह किया। श्रद्धालुओं ने मौन रखकर शोकाकुल परिवार को धैर्य प्रदान करने की प्रार्थना की।

आयोजकों ने बताया कि 10 अक्टूबर को कथा सुबह 10 बजे से होगी। श्रद्धालुओं से सपरिवार कथा श्रवण के लिए पहुंचने का आग्रह किया गया है। कथा के समापन पर आरती हुई और श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरित किया गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / अमितेश प्रकाश