देवघर में ऑटो-टोटो चालकों ने अवैध वसूली का लगाया आरोप, प्रशासन से जांच की मांग
देवघर, 22 जुलाई (हि.स.)। देवघर में ऑटो और टोटो चालकों ने विभिन्न प्रकार के शुल्क एवं कथित अवैध वसूली से परेशान होने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि बेरोजगारी के दौर में किसी तरह ऑटो और टोटो चलाकर परिवार का भरण-पोषण कर रहे चालक प्रतिदिन कई तरह के भुगतान करने को विवश हैं, जिससे उनकी आय पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
चालकों का आरोप है कि जसीडीह स्टैंड से चकाई मोड़ तक संचालित टोटो-टेम्पू मालिक सह चालक संघ, जसीडीह की ओर से प्रतिदिन प्रत्येक ऑटो और टोटो से 70 से 80 रुपये तक वसूले जाते हैं। उनका दावा है कि यह वसूली रात के समय भी जारी रहती है। इसके अलावा स्टैंड में प्रवेश (एंट्री) के नाम पर भी अलग से राशि ली जाती है।
चालकों का कहना है कि एक ओर उन्हें कथित रूप से संघ को प्रतिदिन शुल्क देना पड़ता है, वहीं दूसरी ओर नगर निगम का निर्धारित शुल्क भी जमा करना होता है। उनका आरोप है कि दोहरी वसूली के कारण उनकी दैनिक आय का बड़ा हिस्सा खर्च हो जाता है। देवघर रेलवे स्टेशन के बाहर संचालित ऑटो चालकों ने भी इसी प्रकार की कथित वसूली की शिकायत की है।
सिमुलतल्ला के टेलवा नेमसार गांव निवासी टोटो चालक राजेश दास ने बताया कि उन्होंने बैंक ऋण लेकर वाहन खरीदा है। ऐसे में बैंक की मासिक किस्त, विभिन्न शुल्कों का भुगतान और परिवार का खर्च एक साथ वहन करना उनके लिए कठिन होता जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि संघ की ओर से दी जाने वाली रसीद में वसूली गई राशि का उल्लेख नहीं किया जाता, जिससे पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठते हैं।
चालकों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि कहीं अवैध वसूली हो रही है तो उसे तत्काल रोका जाए और दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि बड़ी संख्या में पढ़े-लिखे बेरोजगार युवा स्वरोजगार के रूप में ऑटो और टोटो चला रहे हैं, इसलिए उनके हितों की रक्षा करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
फिलहाल, चालकों के इन आरोपों पर टोटो-टेम्पू मालिक सह चालक संघ, जसीडीह अथवा संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।-------------
हिन्दुस्थान समाचार / Anup Kumar Roy

