क्षत्रिय समाज को मिटाने का प्रयास हर बार रहा विफल : बृजभूषण
रांची, 15 मार्च (हि.स.)। क्षत्रिय गौरव एकता मंच की ओर से रविवार को पुराना विधानसभा मैदान, धुर्वा में क्षत्रिय गौरव एकता समागम 2026 महासम्मेलन का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर कार्यक्रम के आयोजक प्रवीण सिंह ने कहा कि क्षत्रिय समाज से झारखंड में कई लोग आईएएस और आईपीएस बने हैं, लेकिन सबसे अधिक जमीन भी क्षत्रिय समाज की ही छीनी गई है, जो चिंता का विषय है। उन्होंने समाज में शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि आज बेटियों को घर से बाहर पढ़ने या रहने के लिए कई बार सोचना पड़ता है। इसलिए समुदाय की बेटियों के लिए रांची में जल्द एक ऐसे हॉस्टल की स्थापना की जाएगी, जहां उन्हें निःशुल्क रहने की सुविधा मिलेगी। इसके लिए रांची में जमीन की तलाश की जा रही है।
उन्होंने कहा कि क्षत्रिय समाज ऊंच-नीच में बंटा हुआ है, लेकिन इस सोच से दूर होकर सबों की एकजुटता जरूरी है।
कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि ब्रजभूषण शरण सिंह ने कहा कि आज क्षत्रिय समाज को यह समझने की जरूरत है कि हम कौन थे और क्या हो गए हैं। इसलिए समाज की समस्याओं को मिलकर दूर करना होगा। उन्होंने कहा कि क्षत्रिय समुदाय सतयुग, त्रेता और द्वापर युग से लेकर आज तक अस्तित्व में रहा है और आगे भी रहेगा। समाज को मिटाने की कई बार कोशिशें हुईं, लेकिन वह विफल रहा।
उन्होंने कहा कि अक्सर कहा जाता है कि भगवान परशुराम ने क्षत्रियों का संहार किया, जबकि वास्तविकता यह है कि उन्होंने हैहय वंश के उस राजा को दंडित किया था जिसने उनके पिता की हत्या की थी। उन्होंने क्षत्रिय समाज को समाप्त करने का प्रयास नहीं किया।
उन्होंने कहा कि अंग्रेजों के आने के बाद भी समाज ने मुगलों सहित कई शक्तियों से संघर्ष किया, लेकिन इतिहास को मिटाने की कोशिशें होती रहीं।
इस अवसर पर पूर्व सांसद पशुपतिनाथ सिंह ने कहा कि क्षत्रिय समाज का इतिहास गौरवशाली रहा है। इस समाज ने हमेशा देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आगे भी राष्ट्र निर्माण और सामाजिक विकास में अपनी भूमिका को और मजबूत करने की आवश्यकता है।
पूर्व सांसद सुनील सिंह ने कहा कि समाज को एकजुट करने और आपसी संवाद बढ़ाने के लिए ऐसे आयोजन होते रहने चाहिए। धनबाद के नवनिर्वाचित मेयर संजीव सिंह ने कहा कि समाज के आपसी सहयोग से ही सामाजिक विकास संभव है। ऐसे आयोजन लोगों को एक-दूसरे से जोड़ने का काम करते हैं।
कार्यक्रम में मुख्य बृजभूषण शरण सिंह, लवली आनंद, अवधेश नारायण सिंह, पशुपतिनाथ सिंह, गिरिनाथ सिंह, सुनील सिंह, प्रवीण सिंह, संजीव सिंह सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar

