श्रीमद् भागवत कथा के समापन पर मां चैतन्य मीरा ने किया द्वारिका लीला का सजीव चित्रण
रांची, 13 अप्रैल (हि.स.)। सेठ रामेश्वर लाल पोद्दार स्मृति भवन न्यास मंडल की ओर से चुटिया स्थित पोद्दार धर्मशाला में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का सोमवार को समापन हुआ। पिछले सात दिनों से प्रवाहित हो रही इस आध्यात्मिक गंगा ने न केवल श्रद्धालुओं को भक्ति में सराबोर किया, बल्कि पूरे शहर को कृष्णमय वातावरण में रंग दिया। कथा के अंतिम दिन श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा, जिससे पंडाल भक्ति और आस्था के सागर में परिवर्तित हो गया।
सुप्रसिद्ध कथावाचिका मां चैतन्य मीरा ने कथा के सातवें दिन द्वारिका लीला और सुदामा चरित्र का अत्यंत सजीव एवं मार्मिक चित्रण किया। झांकियों और भजनों के माध्यम से प्रस्तुत इस प्रसंग ने श्रद्धालुओं के हृदय को गहराई से स्पर्श किया। उन्होंशने कहा कि जब भगवान श्रीकृष्ण अपने बाल सखा सुदामा के आगमन का समाचार पाकर नंगे पांव दौड़ पड़े, तो उपस्थित हजारों श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। उन्होंने इस प्रसंग के माध्यम से समझाया कि सच्ची मित्रता में पद, प्रतिष्ठा या वैभव का नहीं, बल्कि प्रेम, समर्पण और आत्मीयता का महत्व होता है।
संसार को निष्काम कर्म, योग और भक्ति का दिया संदेश
कथा के क्रम को आगे बढ़ाते हुए मां चैतन्य मीरा ने कृष्ण-उद्धव संवाद का विस्तारपूर्वक वर्णन किया। उन्होंने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने उद्धव के माध्यम से संसार को निष्काम कर्म, योग और भक्ति का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि यह संसार नश्वर है, शरीर क्षणभंगुर है, लेकिन आत्मा और परमात्मा का संबंध शाश्वत और अटूट है। उनके उपदेशों ने श्रद्धालुओं को जीवन के वास्तविक उद्देश्य को समझने की प्रेरणा दी। सात दिवसीय इस दिव्य अनुष्ठान का समापन विधिवत पूजा-अर्चना और पूर्णाहुति हवन के साथ हुआ। व्यासपीठ पूजन के बाद वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन में आहुतियां अर्पित की गईं, जिससे पूरा वातावरण सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक शक्ति से ओत-प्रोत हो उठा। कार्यक्रम के अंत में विशाल भंडारे महाप्रसाद का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। उन्होंने रांची की जनता के प्रति आभार व्यक्त करते हुए सभी के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
वहीं कार्यक्रम के मुख्य यजमान रघुनंदन टिबड़ेवाल, राजेश टिबड़ेवाल और ऋषि टिबड़ेवाल परिवार का विशेष योगदान रहा।
आयोजन की सफलता में संयोजिका रेखा अग्रवाल और कमल अग्रवाल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। समापन समारोह में रांची के विधायक चंदेश्वर प्रसाद सिंह, रांची नगर निगम की मेयर रोशनी खलखो और वार्ड पार्षद अंजू देवी के अलावा न्यास सचिव फतेहचंद अग्रवाल, राधेश्याम अग्रवाल, ओम प्रकाश मोदी, पुलकित अग्रवाल, सांवरमल अग्रवाल, संजय सर्राफ, विश्वनाथ सिंघानिया, सुभाष पोदार, संजय विजयवर्गीय, कृष्ण शर्मा, दीपक अग्रवाल सहित अखिल भारतीय मारवाड़ी सम्मेलन के सदस्य और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak

