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एसएसआर मेडिकल कॉलेज के अध्यक्ष और सचिव के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी

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एसएसआर मेडिकल कॉलेज के अध्यक्ष और सचिव के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी


रांची, 19 मार्च (हि.स.)। आपराधिक षड्यंत्र, धोखाधड़ी और विश्वासघात से जुड़े एक मामले की सुनवाई करते हुए एसएसआर मेडिकल कॉलेज के अध्यक्ष रुद्र प्रताप नारायण सिंह और सचिव रणजीत कौर के खिलाफ गैर जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है। उक्त कार्रवाई सिविल कोर्ट रांची स्थित प्रथम श्रेणी के न्यायिक दंडाधिकारी एमके सिंह की अदालत ने की है। इससे पूर्व मामले के जांच पदाधिकारी ने अदालत के समक्ष दोनों आरोपितों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए कोर्ट में आवेदन दिया। इसमें अनुरोध किया कि दोनों आरोपितों के खिलाफ वर्ष 2023 में अरगोड़ा हाउसिंग कॉलोनी निवासी अजय कुमार ने प्राथमिकी दर्ज कराई है। दर्ज प्राथमिकी के आधार पर दोनों आरोपितों को दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 41 ए के तहत लगातार तीन नोटिस दिया गया। दोनों आरोपित अरगोड़ा थाना से जारी नोटिस को प्राप्त करने के बाद भी न तो कोर्ट में हाजिर हुए और न ही जांच पदाधिकारी के समक्ष पेश हुए।

कोर्ट में दाखिल आवेदन के माध्यम से जांच पदाधिकारी ने कोर्ट से अनुरोध किया कि दोनों आरोपित जानबूझकर हाजिर नहीं हो रहे हैं। इसलिए दोनों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट दिया जाए। जांच पदाधिकारी के आवेदन पत्र पर सुनवाई करने के बाद कोर्ट ने दोनों आरोपितों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है।

उल्लेखनीय है कि दोनों आरोपितों ने मॉरीशस में मेडिकल कॉलेज खोला है, जिसका कार्यालय दिल्ली में है।

क्या है पूरा मामला

उक्त मेडिकल कॉलेज के अध्यक्ष और सचिव के खिलाफ धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए कॉलेज के पूर्व छात्र कैरव कीर्तने के पिता अजय कुमार ने अरगोड़ा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है। इसमें आरोप लगाया गया है कि दोनों आरोपित एक आपराधिक षड्यंत्र के तहत एमसीआई के नियमों का उल्लंघन करते हुए भ्रामक विज्ञापन के सहारे करोड़ों रुपये की राशि उगाही करने की मंशा से सीमित संख्या से अधिक मेडिकल फैकल्टी में छात्रों का नामांकन लेते हैं। इसके बाद छात्रों को तरह-तरह से प्रताड़ित कर उसे कॉलेज छोड़ने के लिए विवश करते हैं। दर्ज प्राथमिकी में अजय कुमार ने आरोप लगाते हुए कहा है कि कॉलेज प्रबंधन ने उनके पुत्र कैरव कीर्तने के साथ ऐसा ही अपराधिक कुकृत्य को अंजाम दिया है। आरोप है कि उनका पुत्र मेडिकल कॉलेज में वर्ष 2019 में एमबीबीएस की पढ़ाई करने के लिए नामांकन कराया, लेकिन एक षड्यंत्र के तहत अलग-अलग कारणों का हवाला देकर उनके पुत्र को लगातार प्रि-यूनिवर्सिटी के एग्जाम में फेल किया गया।

49 लाख लेने के बावजूद प्रताडित कर कॉलेज छोडने के लिए किया विवश

यह भी आरोप है की प्रि-यूनिवर्सिटी के एग्जाम में पास करने के एवज में 3000 डॉलर की वसूली भी की गई। प्राथमिकी में छात्र के पिता ने आरोप लगाया है कि मेडिकल कॉलेज के अध्यक्ष और सचिव ने ट्यूशन फी, फूडिंग और लॉजिंग के एवज में उससे 49 लाख से अधिक की राशि ले चुके हैं। इसके बावजूद कॉलेज के अध्यक्ष और सचिव ने उनके पुत्र को लगातार प्रताड़ित कर कॉलेज छोड़ने के लिए विवश कर दिया। साथ ही उनके पुत्र को क्लास रूम में हुटिंग करके अपमानित भी किया गया। कॉलेज की हरकतों से भयभीत और तंग आकर छात्र कैरव कीर्तने 9 सितंबर 2023 को अपना नामांकन वापस ले लिया। उक्त छात्र के पिता ने प्राथमिकी में कॉलेज के अध्यक्ष और सचिव पर आरोप लगाया है कि दोनों गलत तरीके से करोड़ों रुपये की राशि उगाही करने की मंशा से सीमित संख्या में नामांकन करने की शर्तों का उल्लंघन कर अधिक से अधिक छात्रों का नामांकन लेते हैं और बाद में छात्रों की संख्या को सीमित करने की नीयत से छात्रों को तरह-तरह से परेशान कर कॉलेज छोड़ने के लिए विवश करते हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak