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ग्रामीणों ने मवेशियों से भरा ट्रक पकड़ा, पुलिस को सौंपा

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ग्रामीणों ने मवेशियों से भरा ट्रक पकड़ा, पुलिस को सौंपा


गुमला, 04 मई (हि.स.)। शहर के बाइपास रोड स्थित अरमई गांव के पास सोमवार की सुबह में ग्रामीणों ने मवेशियों से लदे एक ट्रक को पकड़ लिया। ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि बाइपास रोड से एक ट्रक मवेशियों को भरकर सिसई और रांची ले जाया जा रहा है।

सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने ट्रक का पीछा किया और अरमई के पास बैरिकेडिंग कर उसे रोक लिया। घटना की सूचना तुरंत गुमला थाना को दी गई, जिसके बाद थाना के एसआई हेमा देवी दल-बल के साथ मौके पर पहुंचीं और ट्रक को अपने कब्जे में ले लिया।

ट्रक में छत्तीसगढ़ नंबर अंकित था और उसमें मवेशियों को कथित रूप से वध के लिए सिसई की ओर ले जाया जा रहा था।

बताया जा रहा है कि ट्रक छत्तीसगढ़ के लोदाम टांगर टोली से रांची की ओर जा रहा था। ग्रामीणों का आरोप है कि ट्रक पकड़ने के बाद तस्करों ने वाहन छोड़ने के लिए एक लाख रूपए की पेशकश भी की लेकिन बजरंग दल के कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने चालक और वाहन को कब्जे में लेकर पुलिस को सौंप दिया।

इस दौरान ट्रक की रेकी कर रही एक कार मौके से फरार हो गई।

पुलिस ट्रक को टोटो थाना ले जाने की तैयारी कर रही थी, लेकिन ग्रामीणों के विरोध के बाद सभी मवेशियों को अरमई पिकेट में ही उतरवाया गया। ट्रक में करीब 40–50 मवेशियों को ठूंस-ठूंस कर भरा गया था, जिनमें कई घायल पाए गए।

स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से मवेशी तस्करी का सिलसिला जारी है, लेकिन प्रशासनिक कार्रवाई नहीं होने से तस्करों के हौसले बुलंद हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि छत्तीसगढ़ से लेकर गुमला तक कई थानों की सीमा पार कर तस्कर अपने गंतव्य तक पहुंच जाते हैं। लगभग 7–8 माह बाद इस तरह की बड़ी कार्रवाई होने से पुलिस की कार्यशैली पर कई सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि एक वर्ष पूर्व जारी, चैनपुर, डुमरी, कुरूमगढ़, सुरसांग, रायडीह, गुमला, सिसई, भरनो, घाघरा, पालकोट और बसिया सहित कई थानों से लगातार मवेशी और तस्करों को पकड़ने और कार्रवाई की सूचना प्राप्त होती थी, लेकिन काफी लंबे समय के बाद ग्रामीणों द्वारा मवेशी तस्करों को पकड़ा गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar