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देवघर में मानसून की बेरुखी से किसान बेहाल

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देवघर में मानसून की बेरुखी से किसान बेहाल


देवघर, 19 जुलाई (हि.स.)। जिले में मानसून की बेरुखी किसानों के लिए गंभीर चिंता का कारण बन गया है। पिछले करीब 15 दिनों से पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण खेतों में तैयार धान के बिचड़े सूखने की कगार पर पहुंच गए हैं। बारिश के अभाव में धान की रोपाई प्रभावित हो रही है, जिससे किसानों के बीच अकाल जैसी स्थिति की आशंका गहराने लगी है।

बारिश नहीं होने के कारण कई किसान डीजल पंप सेट के सहारे खेतों की सिंचाई कर किसी तरह धान की रोपाई की तैयारी में जुटे हैं। हालांकि डीजल की बढ़ती कीमतों ने सिंचाई को काफी महंगा बना दिया है, जिससे खेती की लागत में भारी वृद्धि हुई है और किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।

जिले के सारठ प्रखंड के 80 से 90 प्रतिशत किसान कृषि पर निर्भर हैं। यह क्षेत्र धान उत्पादन के लिए प्रसिद्ध रहा है और इसे 'धान का कटोरा' भी कहा जाता है। लेकिन लगातार तीसरे वर्ष समय पर पर्याप्त वर्षा नहीं होने से धान उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति कमजोर होती जा रही है।

किसानों का कहना है कि इस वर्ष उन्होंने ऊंची कीमत पर हाइब्रिड धान के बीज खरीदे और समय पर बिचड़े भी तैयार कर लिए, लेकिन बारिश नहीं होने से खेतों की जुताई तक शुरू नहीं हो सकी है। ऐसे में रोपाई का निर्धारित समय निकलता जा रहा है। इससे फसल प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।

किसानों के अनुसार सामान्यतः आद्रा नक्षत्र के दौरान धान की रोपाई शुरू हो जाती है, लेकिन इस बार आद्रा नक्षत्र बीत जाने और पुनर्वसु नक्षत्र शुरू होने के बावजूद अधिकांश खेतों में जुताई तक नहीं हो पाई है। किसानों ने सरकार से सिंचाई की वैकल्पिक व्यवस्था, डीजल पर राहत और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि खरीफ फसल को बचाया जा सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / Anup Kumar Roy