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निकाय चुनाव में हार की आशंका से बौखलाई हेमंत सरकार : आदित्य साहू

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निकाय चुनाव में हार की आशंका से बौखलाई हेमंत सरकार : आदित्य साहू


रांची, 22 फरवरी (हि.स.)। झारखंड में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद आदित्य साहू ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि निकाय चुनाव में संभावित हार को देखते हुए हेमंत सरकार बौखला गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष पुलिस प्रशासन का दुरुपयोग कर भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को निशाना बना रहा है।

आदित्य साहू ने रविवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री एवं वर्तमान में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के खिलाफ गिरिडीह में मुकदमा दर्ज किया जाना सत्ता पक्ष की हताशा को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि बाबूलाल मरांडी जैसे वरिष्ठ और अनुभवी नेता आचार संहिता का उल्लंघन नहीं कर सकते। लेकिन राज्य की हेमंत सोरेन सरकार सत्ता के अहंकार में इस कदर डूबी है कि नेता प्रतिपक्ष के भोजन करने की घटना को भी आचार संहिता से जोड़कर मुकदमा दर्ज करा दिया गया। यह पूरी तरह से सत्ता का दुरुपयोग है।

साहू ने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन राज्य सरकार की “टूल किट” बनकर काम कर रहा है और निष्पक्षता से अपने दायित्वों का निर्वहन नहीं कर रहा है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि एक ओर सरकार विपक्षी नेताओं पर मुकदमे दर्ज करा रही है, वहीं दूसरी ओर निकाय चुनाव के दौरान अपराधियों का मनोबल बढ़ा हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि चक्रधरपुर में भाजपा समर्थित नगर निकाय प्रत्याशी विजय सिंह गगराई को लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। उनके घर पर धमकी भरे पोस्टर चिपकाए गए हैं, लेकिन प्रशासन इस मामले में मूकदर्शक बना हुआ है।

आदित्य साहू ने कहा कि भाजपा ने पहले ही चुनाव के दौरान बूथ कैप्चरिंग की संभावना जताई थी और अब अपराधियों के बढ़ते आतंक से यह आशंका सच होती दिखाई दे रही है। उन्होंने बताया कि विजय सिंह गगराई ने जिला प्रशासन, निर्वाचन अधिकारी और पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत दी है तथा थाना में प्राथमिकी (एफआईआर) भी दर्ज कराई है, लेकिन इसके बावजूद अपराधी बेलगाम हैं।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पूरे प्रदेश में भयमुक्त और निष्पक्ष निकाय चुनाव कराना निर्वाचन आयोग की जिम्मेदारी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अपराधियों, गुंडों और बदमाशों के जरिए चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश की गई या भाजपा समर्थित प्रत्याशी को कोई नुकसान पहुंचा, तो भाजपा पूरे प्रदेश में राज्य सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन करने को बाध्य होगी।

फिलहाल इस मामले में राज्य सरकार या प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।-------------

हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे