home page

जेपीएससी-जेएसएससी नियुक्ति घोटाले की सीबीआई जांच की मांग पर सुप्रीम कोर्ट का नोटिस सकारात्मक कदम : आदित्य साहू

 | 
जेपीएससी-जेएसएससी नियुक्ति घोटाले की सीबीआई जांच की मांग पर सुप्रीम कोर्ट का नोटिस सकारात्मक कदम : आदित्य साहू


रांची, 24 अगस्त (हि.स.)। झारखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) नियुक्ति घोटाले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग को लेकर दायर याचिका पर उच्चतम न्यायालय की ओर से हेमंत सरकार सहित संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया जाना छात्रों के संघर्ष की दिशा में सकारात्मक कदम है। उन्होंने इसे सीबीआई जांच की दिशा में बढ़ता हुआ पहला कदम बताया।

सोमवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में आदित्य साहू ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के इस कदम से छात्रों में न्याय की उम्मीद जगी है। उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार और उसकी एजेंसियां न्याय का अंतिम दरवाजा नहीं हैं। छात्रों के अधिकार और भविष्य की लड़ाई अब देश की सर्वोच्च अदालत तक पहुंच चुकी है।

उन्होंने कहा कि झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी के माध्यम से कथित तौर पर नौकरी बेचे जाने तथा युवाओं के साथ हुए धोखे की सीबीआई जांच की मांग को लेकर उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर की गई है। सुनवाई के दौरान अदालत की ओर से मामले में सक्षम एजेंसी से जांच की आवश्यकता हो सकने संबंधी टिप्पणी को उन्होंने महत्वपूर्ण बताया।

साहू ने आरोप लगाया कि अब झारखंड सरकार को जवाब देना होगा कि वह सीबीआई जांच से क्यों बच रही है और युवाओं के भविष्य के साथ कथित रूप से खिलवाड़ करने वालों को बचाने की कोशिश क्यों की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि मामले की सच्चाई सामने आएगी और राज्य के युवाओं को उनका अधिकार मिलेगा।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने हेमंत सोरेन सरकार पर छात्रों के साथ कठोर व्यवहार करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि छात्रों के आंदोलन के दौरान पहले पुलिस कार्रवाई और बाद में सत्तारूढ़ दल के कार्यकर्ताओं के माध्यम से कथित मारपीट कराई गई तथा फर्जी मुकदमों के जरिए उन्हें परेशान किया गया।

उन्होंने सोशल मीडिया सहित छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों को प्रतिबंधित करने का भी आरोप लगाया। साहू ने राज्य सरकार की तुलना तानाशाही से करते हुए कहा कि सरकार की कथित कार्रवाइयां राज्य के इतिहास में काले अध्याय के रूप में दर्ज होंगी।

आदित्य साहू ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर भी छात्रहित के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सीआईडी जांच के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है और इसके जरिए कथित रूप से मुख्य सरगना तथा बड़े आरोपितों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।

आदित्य साहू ने कहा कि भाजपा छात्रों के साथ खड़ी है और दोषियों के बेनकाब होने तथा युवाओं को न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने दावा किया कि 2029 में राज्य में भाजपा की सरकार बनेगी और सरकार बनने के बाद पहली कैबिनेट में सभी संबंधित मामलों की सीबीआई जांच की अनुशंसा तथा छात्रों पर दर्ज कथित झूठे मुकदमों को वापस लेने का निर्णय किया जाएगा।

-------------

हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे