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भगवान राम के अस्तित्व पर प्रश्न उठाने वाली कांग्रेस को सवाल पूछने का नैतिक अधिकार नहीं : आदित्य साहू

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भगवान राम के अस्तित्व पर प्रश्न उठाने वाली कांग्रेस को सवाल पूछने का नैतिक अधिकार नहीं : आदित्य साहू


रांची, 12 जुलाई (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद आदित्य साहू ने अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित अनियमितता के मामले पर कांग्रेस की ओर से उठाए गए सवालों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। रविवार को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में उन्होंने कांग्रेस पर वोट बैंक और तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया।

आदित्य साहू ने कहा कि कांग्रेस पार्टी आज राम मंदिर को लेकर चिंता जता रही है, जबकि अतीत में उसका रुख इससे बिल्कुल अलग रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि रामजन्मभूमि आंदोलन के दौरान कांग्रेस ने न्यायालय में यह पक्ष रखा था कि भगवान राम एक काल्पनिक पात्र हैं और उनका कोई जन्मस्थान नहीं है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस ने कारसेवकों पर हुई कार्रवाई का समर्थन किया था।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद भी कांग्रेस ने रामलला के पक्ष में कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं दी। उनका दावा है कि राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए भेजे गए निमंत्रण को भी कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने स्वीकार नहीं किया।

आदित्य साहू ने कहा कि राम मंदिर में चढ़ावे की राशि के प्रबंधन से जुड़े कथित अनियमितता के मामले की उत्तर प्रदेश सरकार तेजी से जांच करा रही है और आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच प्रक्रिया जारी रहने के बावजूद कांग्रेस इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी कर रही है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कांग्रेस पर सनातन संस्कृति की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि सोमनाथ मंदिर के उद्घाटन के समय भी तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद पर कार्यक्रम में शामिल नहीं होने का दबाव बनाया गया था, लेकिन उन्होंने अपने निर्णय पर कायम रहते हुए उद्घाटन समारोह में भाग लिया।

आदित्य साहू ने कहा कि कांग्रेस को राम मंदिर पर राजनीति करने के बजाय अपने संगठन और नीतियों पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि तुष्टीकरण और परिवारवाद की राजनीति कांग्रेस की कार्यशैली का हिस्सा रही है।-----------

हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे