झारखंड इस्पात प्लांट की लापरवाही मामले में होगी कार्रवाई : श्रम मंत्री
रामगढ़, 07 अप्रैल (हि.स.)। रामगढ़ थाना क्षेत्र के झारखंड इस्पात प्लांट प्रबंधन घोर लापरवाह है। मजदूरों का शोषण इस प्लांट के अंदर हो रहा है। यह बातें मंगलवार को रामगढ़ पहुंचे श्रम मंत्री संजय यादव ने कही। वे हेसला बस्ती में उस पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे थे, जिनके सदस्य हादसे में मारे गए। श्रम मंत्री ने कहा कि झारखंड इस्पात प्लांट के अंदर फर्निश फटने की घटना बेहद चिंताजनक है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने खुद इस मुद्दे को संज्ञान में लिया है। उनके निर्देश पर जांच कमेटी बनाई गई है। श्रम विभाग इस पूरे प्रकरण की जांच कर रहा है।
वहीं मंत्री रांची के देव कमल अस्पताल में भर्ती मजदूरों से भी मिले थे। मजदूरों ने कहा है कि प्रबंधन के दबाव में भट्टी को काफी अधिक गर्म कर दिया गया। जिसकी वजह से हादसा हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि भट्टी के पास बनाई गई सीढ़ी इतनी संकीर्ण थी कि मजदूर वहां से भाग भी नहीं सकते थे। मजदूरों ने भट्टी के अधिक गर्म होने के बारे में भी प्रबंधन के लोगों को बताया। लेकिन उल्टा उन्हें और अधिक गर्म करने के लिए विवश कर दिया गया। इसकी वजह से इतना बड़ा हादसा हुआ है। यह पूरा मामला बेहद गंभीर है। हर स्तर पर उसकी जांच हो रही है। जांच रिपोर्ट आने पर कार्रवाई भी होगी।
प्लांट प्रबंधन, जिला प्रशासन और ग्रामीणों के बीच हुए समझौते के आधार पर तीन मृतकों के आश्रितों को 21 लाख का चेक सौंपा गया है। यह चेक मंत्री संजय यादव ने मृत मजदूर अशोक बेदिया की पत्नी सावित्री देवी, बृजलाल बेदिया की पत्नी सुषमा देवी और अखिल राय की पत्नी सीमा को सौंपा। इस दौरान श्रम मंत्री ने पीड़ित परिवार के बच्चों की शिक्षा और जीवन यापन के लिए भी सहायता करने का आश्वासन दिया।
मृत मजदूरों के परिजनों से मिलने के बाद श्रम मंत्री संजय यादव रांची रोड स्थित होप हॉस्पिटल पहुंचे। यहां उन्होंने इलाजरत मजदूरों से बात की। उन्हें भी बेहतर इलाज कराने का आश्वासन दिया।
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हिन्दुस्थान समाचार / अमितेश प्रकाश

