झारखंड में चिन्हित 31 डॉक्टर होंगे सेवामुक्त, विभागीय प्रक्रिया शुरू
रांची, 27 अक्टूबर (हि.स.)। राज्य सरकार की ओर से झारखंड में लंबे समय से अपने ड्युटी में अनुपस्थित रहने और नियुक्ति के बाद कार्यस्थल पर योगदान नहीं देनेवाले चिन्हित 631 डॉक्टर सेवामुक्त किए जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग की ओर से सोमवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से यह जानकारी दी गई।
प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि संबंधित डॉक्टरों की नियुक्ति वर्ष 1988 से 2023 के बीच थी। जिन्हें स्वास्थ्य विभाग ने चिन्हित 631 डॉक्टरों की कार्यशैली की समीक्षा पूरी कर ली है और अब नियमानुसार ऐसे डॉक्टरों को सेवामुक्त करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने कहा कि सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था में डॉक्टरों की भूमिका महत्वपूर्ण है। नियुक्ति के बाद योगदान नहीं देना या बिना उचित कारण अनुपस्थित रहना गंभीर विषय है।
ऐसे मामलों में नियमानुसार कार्रवाई होगी। रिक्त पदों पर नई नियुक्तियां कर मरीजों को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
जारी प्रेस विज्ञप्ति में दी गई विभागीय आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 1988 में नियुक्त एक, 1990 में 16, 1997 में दो, 2000 में सात, 2009 में 308, 2012 में 65, 2013 में 38, 2015 में 124, 2020 में 37, 2021 में 17 तथा 2023 में नियुक्त 16 डॉक्टर चिह्नित किए गए हैं।
इसके पूर्व वर्ष 2025 में झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) के माध्यम से नियुक्त 86 मेडिकल ऑफिसर और 57 स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की सेवा समाप्त की गई थी। इन डॉक्टरों ने नियुक्ति के बाद योगदान नहीं दिया था। मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना बेहद आवश्यक है और इसी के तहत रिक्त पदों पर जेपीएससी के माध्यम से नए डॉक्टरों की नियुक्ति की दिशा में भी कार्रवाई की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar

