झारखंड में परीक्षा और सत्र में देरी का मुद्दा राज्यपाल के पास पहुंचा, अभाविप ने सौंपा ज्ञापन
रांची, 23 सितंबर (हि.स.)। झारखंड के विश्वविद्यालयों में परीक्षा और शैक्षणिक सत्र में देरी से लेकर नामांकन सीटों में कमी तक का मुद्दा अब राज्यपाल के सामने पहुंच गया है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को राज्यपाल सह कुलाधिपति संतोष गंगवार से मुलाकात कर विश्वविद्यालयों और कॉलेजों की समस्याओं से जुड़ा ज्ञापन सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल ने कई मामलों की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोष मिलने पर कार्रवाई की मांग की। प्रदेश मंत्री प्रकाश टुटी के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने गिरिडीह कॉलेज की वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच की मांग की। अभाविप का कहना है कि मामले से जुड़े परीक्षा बिल, भुगतान के कागजात, उपस्थिति रजिस्टर, परीक्षा रिकॉर्ड, बैंक दस्तावेज और अन्य अभिलेख मौजूद हैं। संगठन ने पूरे मामले का फोरेंसिक ऑडिट कराने और जांच पूरी होने तक संबंधित अधिकारियों को वित्तीय व प्रशासनिक जिम्मेदारी से अलग रखने की मांग की।
अभाविप ने कॉलेजों में घटती नामांकन सीटों को विद्यार्थियों के लिए बड़ी समस्या बताते हुए सीटें बढ़ाने की मांग की। ग्रामीण क्षेत्रों के कॉलेजों में बंद किए गए पीजी नामांकन को दोबारा शुरू करने की मांग भी रखी गई। संगठन का कहना है कि इससे ग्रामीण विद्यार्थियों और छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए दूर जाने की परेशानी कम होगी। इसके साथ ही जेपीएससी और झारखंड विश्वविद्यालय सेवा आयोग में अध्यक्ष और सदस्यों की जल्द नियुक्ति की मांग की गई, ताकि विश्वविद्यालयों में लंबित नियुक्ति और पदोन्नति की प्रक्रिया आगे बढ़ सके। प्रदेश मंत्री प्रकाश टुटी ने कहा कि विद्यार्थियों को पढ़ाई से ज्यादा परीक्षा, सत्र और प्रशासनिक समस्याओं को लेकर परेशान होना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि संगठन ने किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि विश्वविद्यालयों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए जांच की मांग की है।
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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे

