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रामगढ़ में सक्रिय हैं 1971 अपराधी, 258 का डिजिटल प्रोफाइल पोर्टल पर अपलोड

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रामगढ़ में सक्रिय हैं 1971 अपराधी, 258 का डिजिटल प्रोफाइल पोर्टल पर अपलोड


रामगढ़, 01 सितंबर (हि.स.)। जिले में अपराध नियंत्रण, सक्रिय अपराधियों की प्रभावी निगरानी और कांडों के त्वरित उद्भेदन को लेकर एसपी मुकेश कुमार लुनायत ने कई बड़े कदम उठाए हैं। जिले में गठित 36 सदस्यीय अपराध रोकथाम और पहचान (सीपी एंड डीडब्लू) और विकसित डिजिटल क्रिमिनल मॉनिटरिंग पोर्टल के कार्यों की एसपी ने मंगलवार को समीक्षा की। इस दौरान अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों, पुलिस निरीक्षकों, थाना, ओपी प्रभारियों और संबंधित नोडल पदाधिकारियों के साथ बैठक कर अब तक की प्रगति की जानकारी ली।

एसपी ने बताया कि 01 जनवरी 2021 से 31 मार्च 2026 तक विभिन्न अपराधों में आरोप-पत्रित कुल 1,971 अपराधकर्मियों को चिह्नित कर उनकी सूची तैयार की गई है। इनमें रामगढ़ जिले के 1,374, अन्य जिलों के 458 और झारखंड राज्य के बाहर के 139 अपराधकर्मी शामिल हैं।

पिछले एक माह में विशेष अभियान चलाकर आर्म्स एक्ट, रंगदारी, एनडीपीएस एक्ट, डकैती, लूट एवं छिनतई से संबंधित कुल 258 आरोप-पत्रित अपराधकर्मियों का सत्यापन कर उनका डिजिटल प्रोफाइल तैयार किया गया और पोर्टल पर अपलोड किया गया। सत्यापन के बाद 28 अपराधकर्मियों के विरुद्ध सीसीए, 131 के विरुद्ध निगरानी प्रस्ताव, 33 के विरुद्ध गुंडा पंजी में प्रविष्टि एवं 74 अपराधकर्मियों के विरुद्ध बीएनएसएस की धारा 129 के तहत कार्रवाई की गई।

एसपी ने प्रत्येक आरोप-पत्रित अपराधकर्मी का दोहरा आपराधिक सत्यापन करने का निर्देश दिया। संबंधित केस थाना के साथ-साथ, दूसरे थाना क्षेत्र में रहने वाले अपराधियों का संबंधित एड्रेस थाना से भी भौतिक सत्यापन कराया जाएगा। इसके बाद प्रत्येक अपराधकर्मी के डिजिटल प्रोफाइल को अपडेट करने और उसके आपराधिक इतिहास, वर्तमान पता, सत्यापन विवरण और कार्यप्रणाली जैसी महत्वपूर्ण सूचनाओं को सुरक्षित एवं व्यवस्थित रूप से दर्ज करने को कहा गया।

वर्तमान में सक्रिय, बार-बार अपराध में संलिप्त पाए गए या जेल से जमानत पर बाहर आए अपराधियों की नियमित निगरानी और सत्यापन पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही विभिन्न थाना क्षेत्रों में रहने वाले अपराधियों से संबंधित सूचनाओं के प्रभावी आदान-प्रदान के लिए अंतर-स्टेशन आपराधिक खुफिया सूचना साझाकरण को मजबूत करने का निर्देश दिया गया। पोर्टल में उपलब्ध सूचनाओं के आधार पर अपराध विश्लेषण, संदिग्धों की पहचान, पूर्व आपराधिक गतिविधियों के विश्लेषण और कांडों के त्वरित उद्भेदन में इसका उपयोग करने का निर्देश दिया गया।

जरूरत के अनुसार डोसियर, निगरानी प्रस्ताव, सीसीए प्रस्ताव, जमानत रद्द, एनडीपीएस एक्ट और गुंडा बही एवं निगरानी पंजी में नियमानुसार कार्रवाई करने को भी कहा गया। अगले एक माह में चोरी, गृहभेदन और वाहन चोरी से संबंधित 01 जनवरी 2021 से 31 मार्च 2026 तक के आरोप-पत्रित अपराधियों, जो रामगढ़ जिले के निवासी हैं, का सत्यापन कर डिजिटल प्रोफाइल तैयार कर पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश दिया गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / अमितेश प्रकाश