कुवैत की रिफाइनरी पर लगातार दूसरे दिन ईरान का हमला
तेहरान, 20 मार्च (हि.स.)। ईरान ने शुक्रवार को कुवैत की मीना अल-अहमदी रिफाइनरी पर लगातार दूसरे दिन हमला कर तनाव को और बढ़ा दिया है। साउथ पार्स गैस फील्ड पर इजराइल के हमले के बाद ईरान की जवाबी कार्रवाई ने पूरे इलाके में बड़े संघर्ष और वैश्विक ऊर्जा संकट के खतरों को गंभीर रूप दे दिया है।
समाचार एजेंसी यूपीआई के अनुसार, आज ईरान ने दो दिनों में दूसरी बार कुवैत की मीना अल-अहमदी रिफाइनरी पर हमला किया। इस हमले में ईरान ने अपनी सेना को फारस की खाड़ी के ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर पर केंद्रित किया, जबकि अमेरिका और इजराइल, तेहरान पर लगातार हमले करते रहे।
सरकारी स्वामित्व वाली कुवैत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (केपीसी) ने बयान में बताया कि इस हमले के कारण रिफाइनरी की कई यूनिटों में आग लग गई, जिसके चलते रिफाइनरी के कुछ हिस्सों को बंद करना पड़ा। बयान में यह भी कहा गया कि इस घटना में किसी के घायल होने की कोई खबर नहीं है और आपातकालीन टीमें आग पर काबू पाने के लिए काम कर रही हैं।
गुरुवार को भी ईरानी ड्रोन ने मीना अल-अहमदी और मीना अब्दुल्ला रिफाइनरियों पर हमला किया था, जिससे आग लग गई थी, जिसे बाद में बुझा दिया गया था।
इज़राइल द्वारा बुधवार को ईरान के 'साउथ पार्स' गैस क्षेत्र पर हमला किए जाने के बाद से ही ईरान फ़ारस की खाड़ी के ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बना रहा है। इस क्रम में उसने कुवैत, कतर और सऊदी अरब के विभिन्न ठिकानों पर हमले किए।
साउथ पार्स हमले के बाद संकटग्रस्त तेहरान सरकार ने अमेरिका के सहयोगी देशों के ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला करने की कसम खाई थी। इस धमकी के कारण तेल की कीमतों में भारी उछाल आया और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को यह बयान देना पड़ा कि जब तक ईरान कतर पर दोबारा हमला नहीं करता, तब तक इज़राइल उस तेल क्षेत्र पर दोबारा हमला नहीं करेगा। कतर एनर्जी के अनुसार, इस हमले के कारण कतर के 'रास लफ़ान इंडस्ट्रियल सिटी' को व्यापक नुकसान पहुंचा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अमरेश द्विवेदी

