ईरानी हमले में यूएई स्थित ऑस्ट्रेलियाई एयरबेस को मामूली नुकसान
इस्तांबुल, 18 मार्च (हि.स.)। पश्चिम एशिया में पिछले 19 दिनों से जारी सैन्य संघर्ष के बीच संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के अल मिन्हाद एयर बेस पर ईरानी हमले में ऑस्ट्रेलियाई सैन्य सुविधाओं को मामूली नुकसान पहुंचा है। प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने बताया कि कोई भी ऑस्ट्रेलियाई कर्मी घायल नहीं हुआ है और सभी सुरक्षित हैं। यह हमला ऐसे समय में आया है जब ईरान, अमेरिका और इज़राइल के बीच जारी संघर्ष पूरे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ा रहा है।
तुर्किये की सरकारी समाचार एजेंसी अनाडाेलू (एए) और अन्य मीडिया रिपाेर्ट के अनुसार यूएई के अल मिन्हाद एयर बेस पर ईरानी हमले से उसकी सुविधाओं को नुकसान पहुंचा है। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री अल्बानीज ने बुधवार को घटना के संबंध में बताया कि इस हमले में ऑस्ट्रेलियाई सैनिकों को कोई चोट नहीं आई और सभी पूरी तरह सुरक्षित हैं।
मीडिया रिपाेर्टस के अनुसार घटना ऑस्ट्रेलियाई समय के अनुसार मंगलवार सुबह लगभग 9.15 बजे हुई। प्रोजेक्टाइल पास की सड़क पर गिरा और इसके कारण आग लगी, जिससे बेस के एक ब्लॉक और मेडिकल सुविधा को मामूली नुकसान हुआ। प्रधानमंत्री अल्बानीज ने कहा कि इसमें कोई भी ऑस्ट्रेलियाई कर्मी घायल नहीं हुआ है। आग बहुत छोटी थी और यह प्रोजेक्टाइल सीधे बेस को नहीं मार सका।
अल मिन्हाद एयर बेस, जिसका मालिकाना हक यूएई के पास है, ऑस्ट्रेलिया के लिए मध्य पूर्व में प्राथमिक सैन्य, लॉजिस्टिक्स, निगरानी और प्रशिक्षण केंद्र के रूप में काम करता है। यहां वर्तमान में 100 से अधिक ऑस्ट्रेलियाई सैनिक तैनात हैं, जो ब्रिटिश और अमेरिकी सेनाओं के साथ काम कर रहे हैं। हालांकि 2021 में अफगानिस्तान से वापसी के बाद सैनिकों की संख्या में काफी कमी आई थी।
अल्बानीज ने कहा कि यह स्पष्ट नहीं है कि गिरा प्रोजेक्टाइल ड्रोन था या मिसाइल, लेकिन इससे लगी आग ने केवल मामूली नुकसान किया। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान पूरे क्षेत्र में बेतरतीब हमले कर रहा है। अल मिन्हाद एयर बेस को इस महीने की शुरुआत में भी निशाना बनाया गया था, लेकिन उस हमले में ऑस्ट्रेलियाई सुविधाओं को कोई नुकसान नहीं हुआ था।
अमेरिका, इजराइल के सैन्य कार्रवाई के जवाब में ईरान ने ड्रोन और मिसाइल हमलों के जरिए इजराइल, जॉर्डन, इराक और खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी और सहयोगी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। इन हमलों से जानमाल का नुकसान हुआ है, बुनियादी ढांचे को क्षति पहुंची है और वैश्विक बाजार और विमानन सेवाओं में व्यवधान पैदा हुआ है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अमरेश द्विवेदी

