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ट्रंप समर्थित चुनावी मानचित्र पर सुप्रीम कोर्ट की रोक, मिसौरी में रिपब्लिकन को झटका

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जेफरसन सिटी, 10 सितंबर (हि.स.)। अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को मिसौरी में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समर्थित नए कांग्रेस चुनावी मानचित्र को लागू करने की रिपब्लिकन कोशिश को एक बार फिर खारिज कर दिया। इस फैसले से नवंबर में होने वाले महत्वपूर्ण मध्यावधि चुनाव में प्रतिनिधि सभा पर नियंत्रण बनाए रखने की रिपब्लिकन रणनीति को झटका लगा है।

सुप्रीम कोर्ट के संक्षिप्त आदेश में किसी न्यायाधीश की असहमति दर्ज नहीं की गई। फैसले से फिलहाल मिसौरी में पिछले जनगणना के बाद तैयार पुराने चुनावी नक्शे के इस्तेमाल का रास्ता साफ होता दिखाई दे रहा है। नया नक्शा रिपब्लिकन पार्टी को राज्य की आठ में से सात प्रतिनिधि सभा सीटें जीतने में मदद करने के उद्देश्य से तैयार किया गया था।

यह फैसला ऐसे समय आया है जब नवंबर के चुनाव के लिए मतपत्र भेजे जाने की प्रक्रिया जल्द शुरू होने वाली है। मिसौरी में चुनावी जिलों को लेकर एक साल से अधिक समय से कानूनी विवाद चल रहा है।

न्यायालय ने पहले रिपब्लिकन विदेश मंत्री डैनी हॉकिन्स को ट्रंप समर्थित नक्शे का इस्तेमाल नहीं करने और पिछली जनगणना के बाद स्वीकृत जिलों के आधार पर चुनाव कराने का आदेश दिया था। हालांकि, संघीय जिला न्यायाधीश स्टीफन क्लार्क ने मंगलवार को हॉकिन्स को नए नक्शे के अलावा किसी अन्य नक्शे के इस्तेमाल से रोक दिया था।

इसके बाद राज्य सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश का पालन नहीं करने के आरोप में हॉकिन्स को गुरुवार को अवमानना सुनवाई के लिए पेश होने का निर्देश दिया। हॉकिन्स की ओर से सुनवाई रोकने की मांग की गई, लेकिन क्लार्क ने इसे अस्वीकार कर दिया।

ट्रंप ने पिछले वर्ष रिपब्लिकन राज्यों से मध्यावधि चुनाव से पहले प्रतिनिधि सभा के जिलों को पार्टी के पक्ष में फिर से निर्धारित करने का आग्रह किया था। मिसौरी, टेक्सास के बाद ऐसा करने वाला दूसरा रिपब्लिकन-शासित राज्य बना था।

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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय