ईरान पर अमेरिकी शिकंजा और कसा, ऑटो व रेलवे कंपनियों पर नए प्रतिबंध
वाशिंगटन, 01 अक्टूबर (हि.स.)। अमेरिका ने ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाते हुए उसके प्रमुख वाहन निर्माताओं और रेलवे कंपनियों के साथ कुछ विदेशी आपूर्तिकर्ताओं पर नए प्रतिबंध लगाए हैं। अमेरिकी वित्त मंत्रालय के मुताबिक, इस कार्रवाई का उद्देश्य ईरान की युद्ध संबंधी गतिविधियों, मिसाइल निर्माण और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) को मिलने वाले वित्तीय संसाधनों पर रोक लगाना है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने यह कदम ‘ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट’ के तहत उठाया है। अगस्त में घोषित इस अभियान के जरिए वाशिंगटन ईरान की आय के स्रोतों को सीमित कर उसे युद्ध समाप्त करने के लिए बातचीत पर मजबूर करना चाहता है।
प्रतिबंधों के दायरे में ईरान की प्रमुख वाहन निर्माता कंपनियां ईरान खोद्रो कंपनी (आईकेसीओ) और सैपा (एसएआईपीए) शामिल हैं। अमेरिकी वित्त मंत्रालय के अनुसार, इन दोनों कंपनियों की ईरान के घरेलू वाहन बाजार में 90 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी है।
इसके अलावा, सरकारी रेलवे कंपनी इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान रेलवे, राजा पैसेंजर ट्रेन्स और निजी मालवाहक कंपनी रेलवे ट्रांसपोर्टेशन कंपनी को भी प्रतिबंधित किया गया है। इन कंपनियों के जरिए यात्री और माल परिवहन किया जाता है।
अमेरिकी वित्त मंत्रालय का कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी तेल की आवाजाही पर अमेरिकी नाकेबंदी के कारण ईरान के व्यापार और परिवहन पर दबाव बढ़ा है। ऐसे में वाहन और रेलवे क्षेत्र को निशाना बनाकर उसकी वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था तथा उससे जुड़े आर्थिक नेटवर्क को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है।
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि यह कार्रवाई ईरान की मदद करने वाले नेटवर्क को निशाना बनाती है और उसकी आय के स्रोतों को सीमित करने की दिशा में उठाया गया कदम है।
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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय

