खामेनेई की माैत के बाद ईरान के अंतरिम सर्वोच्च नेता बने अयातुल्ला अराफी
तेहरान, 01 मार्च (हि.स.)। अमेरिका-इजराइल के संयुक्त हवाई हमले में रविवार काे ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की माैत के बाद सीनियर मौलवी अयातुल्ला अलीरेजा अराफी ईरान के अंतरिम सर्वोच्च नेता के तौर पर काम करेंगे।
सरकार से जुड़ी ईरानी छात्र समाचार एजेंसी (आईएसएनए) के अनुसार खामेनेई की माैत के बाद ईरान ने अपने संविधान के आर्टिकल 111 को लागू कर दिया था, जिससे एक आपातकालीन नेतृत्व व्यवस्था शुरू हो गया था। तीन सदस्यों वाली काउंसिल सर्वोच्च नेता की शक्तियां तब तक संभालेगी, जब तक कि कोई स्थाई उत्तराधिकारी नहीं चुना जाता। शनिवार काे तेहरान पर अमेरिका-इजराइली के हमले में अयातुल्ला अली खामेनेई की माैत के बाद सीनियर मौलवी अयातुल्ला अलीरेजा अराफी ईरान के अंतरिम सर्वोच्च नेता बनाया गया है।
साल 1959 में जन्मे अयातुल्ला अलीरेज़ा अराफी (67) ईरान के मौलवी ग्रुप में एक वरिष्ठ व्यक्ति हैं। अपनी अंतरिम सर्वोच्च नेताकी भूमिका से पहले उन्होंने एक साथ कई अहम पदों पर काम किया। वह ईरान के इस्लामिक मदरसों के नेशनल नेटवर्क के प्रमुख हैं। मौलवी गार्डियन काउंसिल के सदस्य के तौर पर काम करते हैं और असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स में बैठते हैं। उनकी नियुक्ति से सर्वोच्च नेता का अधिकार का इस्तेमाल करने के लिए ज़िम्मेदार तीन लोगों का कोरम पूरा हो गया है।
इस व्यवस्था के तहत वह राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और मुख्य न्यायाधीश गुलाम-होसैन मोहसेनी-एजेई के साथ मिलकर देश का नेतृत्व करेंगे। तीनों के पास अब वह सर्वोच्च प्राधिकरण है, जो पहले सिर्फ़ खामेनेई के पास था, क्योंकि ईरान एक ऐसे लीडरशिप संकट से गुजर रहा है, जो पहले कभी नहीं हुआ।
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के भी नेतृत्व में बदलाव का ऐलान किया है, क्योंकि शनिवार को हुए हमलों में उसके कमांडर-इन-चीफ जनरल मोहम्मद पाकपुर की मौत हो गई थी। ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक अहमद वहीदी को नया आईआरजीसी प्रमुख बनाया गया है। आईआरजीसी ईरान के सबसे ताकतवर इंस्टीट्यूशन में से एक है और यह देश की रेगुलर आर्म्ड फोर्स से अलग काम करता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अमरेश द्विवेदी

