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संयुक्त राष्ट्र ने इजराइल से विशेष सैन्य ट्रिब्यूनल खत्म करने की अपील की

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जिनेवा, 13 मई (हि.स.)। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर तुर्क ने इजराइल से हाल ही में बनाए गए विशेष सैन्य ट्रिब्यूनल को समाप्त करने की अपील की है। यह ट्रिब्यूनल उन फिलिस्तीनी लड़ाकों पर मुकदमा चलाने के लिए बनाया गया है, जिन पर 07 अक्टूबर 2023 को हुए हमलों में शामिल होने का आरोप है।

इजराइली संसद ने हाल में एक कानून पारित कर इस विशेष अदालत की स्थापना को मंजूरी दी है। इस अदालत को दोषियों को मृत्युदंड देने का अधिकार भी दिया गया है। रिपोर्टों के अनुसार, इस ट्रिब्यूनल में लगभग 400 संदिग्धों पर मुकदमा चलाया जा सकता है। इनमें वे लोग भी शामिल हैं, जिन पर गाजा में बंधकों को रखने या उनके साथ दुर्व्यवहार करने के आरोप हैं।

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय की ओर से जारी बयान में वोल्कर तुर्क ने कहा कि 07 अक्टूबर के हमलों के लिए जवाबदेही तय होना जरूरी है, लेकिन यह प्रक्रिया अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार मानकों के अनुरूप होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यह नया कानून “एकतरफा न्याय” और फिलिस्तीनियों के खिलाफ भेदभाव को संस्थागत रूप दे सकता है।

तुर्क ने कहा कि किसी भी न्यायिक प्रक्रिया में निष्पक्षता, पारदर्शिता और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन बेहद आवश्यक है। उनके मुताबिक, यदि अदालतें केवल एक पक्ष के खिलाफ कठोर कार्रवाई का माध्यम बन जाएं, तो इससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है।

उल्लेखनीय है कि 07 अक्टूबर 2023 को हमास के नेतृत्व में हुए हमले में इजराइल में 1,200 से अधिक लोगों की मौत हुई थी, जिनमें बड़ी संख्या आम नागरिकों की थी। हमले के दौरान कई लोगों को बंधक भी बनाया गया था।

इसके बाद इजराइल ने गाजा पट्टी में व्यापक सैन्य अभियान शुरू किया। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इस कार्रवाई में अब तक हजारों लोगों की जान जा चुकी है और बड़े पैमाने पर तबाही हुई है। संयुक्त राष्ट्र समेत कई अंतरराष्ट्रीय संगठन लगातार युद्धविराम और मानवीय सहायता बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय