परमाणु संयंत्र के पास ड्रोन हमला, रेडिएशन सुरक्षा पर बढ़ी चिंता
मॉस्को, 03 मई (हि.स.)। रूस के कब्जे वाले जापोरिज्जिया परमाणु ऊर्जा संयंत्र के पास स्थित बाहरी विकिरण निगरानी प्रयोगशाला पर कथित ड्रोन हमले के बाद क्षेत्र में परमाणु सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। संयंत्र प्रबंधन ने दावा किया है कि यह हमला यूक्रेनी बलों की ओर से किया गया, हालांकि इसमें किसी तरह की बड़ी क्षति या जनहानि नहीं हुई है।
प्रबंधन के अनुसार, हमले का निशाना बनी प्रयोगशाला संयंत्र के आसपास रेडिएशन स्तर की निगरानी करने और संभावित आपात स्थितियों का आकलन करने में अहम भूमिका निभाती है। इस तरह के हमले को उन्होंने परमाणु सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया है। अधिकारियों का कहना है कि यदि निगरानी तंत्र प्रभावित होता है तो किसी भी आपात स्थिति में समय पर प्रतिक्रिया देना मुश्किल हो सकता है।
इस घटना के बाद अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) को भी जानकारी दी गई है। एजेंसी ने संयंत्र के पास अपने विशेषज्ञों के माध्यम से हालात पर नजर बनाए रखने की बात कही है। आईएईए के महानिदेशक ने एक बार फिर दोहराया है कि परमाणु स्थलों के आसपास किसी भी प्रकार की सैन्य गतिविधि या हमला वैश्विक सुरक्षा के लिए जोखिम पैदा कर सकता है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रभावित प्रयोगशाला का काम रेडिएशन स्तर की लगातार निगरानी करना, मौसम संबंधी आंकड़े जुटाना और किसी संभावित परमाणु आपातकाल की स्थिति में आवश्यक पूर्वानुमान तैयार करना है। ऐसे में इस पर हमला चिंता का विषय माना जा रहा है।
हालांकि संयंत्र प्रबंधन ने यह भी स्पष्ट किया है कि उपकरणों को कोई गंभीर नुकसान नहीं पहुंचा है और स्थिति नियंत्रण में है। इसके बावजूद क्षेत्र में तनाव बना हुआ है, क्योंकि हाल के महीनों में संयंत्र और उसके आसपास के इलाकों में कई बार हमलों की खबरें सामने आई हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय

