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ट्रंप ने 2015 के ईरान परमाणु समझौते को लेकर ओबामा प्रशासन पर सवाल खड़े किए

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- ट्रंप ने आर्थिक रियायतों को बताया अमेरिका के लिए नुकसानदेह

वॉशिंगटन, 17 जून (हि.स.)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वर्ष 2015 में हुए ईरान परमाणु समझौते को लेकर एक बार फिर पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के प्रशासन की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि उस समय किया गया समझौता अमेरिकी हितों के अनुकूल नहीं था और इसके तहत ईरान को बड़ी आर्थिक राहत प्रदान की गई थी।

ट्रंप ने आरोप लगाया कि समझौते के परिणामस्वरूप ईरान को अरबों डॉलर की वित्तीय राहत मिली, जिससे उसे आर्थिक रूप से लाभ पहुंचा। उन्होंने विशेष रूप से उस वित्तीय व्यवस्था का उल्लेख किया, जिसके तहत ईरान को बड़ी राशि उपलब्ध कराई गई थी। ट्रंप का दावा है कि इस कदम ने क्षेत्रीय शक्ति संतुलन और अमेरिकी रणनीतिक हितों पर प्रतिकूल प्रभाव डाला।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि उनकी दृष्टि में यह समझौता ईरान की गतिविधियों पर अपेक्षित स्तर का नियंत्रण स्थापित करने में सफल नहीं रहा। उन्होंने इसे ऐसी व्यवस्था बताया, जिससे ईरान को लाभ अधिक मिला, जबकि अमेरिका को अपेक्षित सुरक्षा और कूटनीतिक लाभ प्राप्त नहीं हुए।

इससे पहले भी ट्रंप कई अवसरों पर इस समझौते की आलोचना कर चुके हैं। उनका मानना रहा है कि ईरान के साथ किसी भी समझौते में कठोर शर्तें और व्यापक निगरानी व्यवस्था शामिल होनी चाहिए, ताकि क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय