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ट्रंप का दावा- नेतन्याहू उनके सुझावों को मानेंगे, ईरान पर फिर दी कड़ी चेतावनी

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वॉशिंगटन, 20 मई (हि.स.)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजराइल और ईरान को लेकर कई बड़े बयान दिए हैं। पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने दावा किया कि इजराइल में उन्हें व्यापक समर्थन प्राप्त है और वहां के राजनीतिक हालात पर उनकी राय को गंभीरता से लिया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि इजराइल के प्रधानमंत्री के साथ उनके मजबूत संबंध हैं और दोनों नेताओं के बीच अच्छा तालमेल है।

ट्रंप ने इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की तारीफ करते हुए उन्हें एक मजबूत और सक्षम नेता बताया। उन्होंने कहा कि नेतन्याहू के साथ कई बार उचित व्यवहार नहीं किया जाता, जबकि उन्होंने कठिन परिस्थितियों में नेतृत्व की भूमिका निभाई है। ट्रंप ने संकेत दिया कि दोनों नेताओं के बीच करीबी राजनीतिक समझ बनी हुई है।

ईरान के मुद्दे पर भी ट्रंप ने अपनी सख्त स्थिति दोहराई। उन्होंने कहा कि अमेरिका किसी समझौते को लेकर जल्दबाजी में नहीं है, लेकिन उसकी प्राथमिकता यह है कि क्षेत्र में संघर्ष कम से कम हो और लोगों की जान बचाई जा सके। साथ ही उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि हालात बिगड़ते हैं तो भविष्य में सैन्य कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

इससे पहले भी ट्रंप ने ईरान को लेकर बयान दिया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका ने स्थिति पर काफी हद तक प्रभाव स्थापित कर लिया है। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि उनका संकेत सैन्य, रणनीतिक या राजनीतिक प्रभाव की ओर था। उन्होंने यह भी कहा कि किसी समझौते तक पहुंचने में समय लग सकता है और अमेरिका इस प्रक्रिया को अवसर देना चाहता है।

अपने बयान में ट्रंप ने अफगानिस्तान और वियतनाम जैसे लंबे संघर्षों का उल्लेख करते हुए कहा कि अमेरिका अनावश्यक रूप से लंबे समय तक तनाव की स्थिति नहीं चाहता।

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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय