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स्विट्जरलैंड जा रहे ट्रंप के एयर फोर्स वन में आई खराबी, लौटे अमेरिका, दूसरे एयरक्राफ्ट से रवाना

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स्विट्जरलैंड जा रहे ट्रंप के एयर फोर्स वन में आई खराबी, लौटे अमेरिका, दूसरे एयरक्राफ्ट से रवाना


वाशिंगटन, 21 जनवरी (हि.स.)। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लेकर स्विटरजलैंड के दावोस जा रहे एयर फोर्स वन को विद्युत खराबी की वजह से अमेरिका लौटना पड़ा। व्हाइट हाउस के एक अधिकारी के अनुसार राष्ट्रपति ट्रंप मैरीलैंड के जॉइंट बेस एंड्रयूज से दोबारा स्विट्जरलैंड रवाना हो गए। उन्हें दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में हिस्सा लेना है।

सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका में एयर फोर्स वन के तौर पर इस्तेमाल होने वाले दो पुराने एयरक्राफ़्ट को बदलने की लंबे समय से कोशिश चल रही है। एयर फोर्स वन के तौर पर इस्तेमाल होने वाले मौजूदा विमान तीन दशक से ज्यादा पुराने हैं और बोइंग के रिप्लेसमेंट 747-8 एयरक्राफ़्ट के 2028 के बीच से पहले डिलीवर होने की उम्मीद नहीं है। 4.3 बिलियन डॉलर से ज्यादा के कॉन्ट्रैक्ट के तहत नए जेट्स में सैन एंटोनियो में बदलाव किया जा रहा है।

रिपोर्ट के अनुसार आमतौर पर एयर फोर्स वन में दिक्कतें कम ही होती हैं। इनका रखरखाव बहुत ही बारीकी से किया जाता है। बिजली की दिक्कत संभवतः पहली बार आई है। इससे पहले 2006 में तत्कालीन राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू. बुश वियतनाम के हो ची मिन्ह सिटी में थे। तब तकनीकी खराबी के कारण एयर फोर्स वन को रोक कर उन्हें दूसरे विमान का सहारा लेना पड़ा। यही नहीं 1974 तत्कालीन राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन की सीरिया यात्रा के दौरान मेज़बान देश ने एयर फोर्स वन को एस्कॉर्ट करने के लिए चार सीरियाई फाइटर जेट भेजे लेकिन पायलट को इसकी जानकारी नहीं थी और उसने जेट्स को हमला समझ लिया और बचने के लिए कई तरह के पैंतरेबाज़ी किए।

साल 1953 में तत्कालीन राष्ट्रपति ड्वाइट आइजनहावर के विमान का नाम कोलंबिन II था। उसे एयर कंट्रोलर्स एयर फ़ोर्स 8610 के नाम से पहचानते थे। न्यूयॉर्क शहर के ऊपर उड़ रहा था। इस दौरान वह एक कमर्शियल एयरलाइनर के विमान से हवा में टकरा गया। इस घटना के बाद फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन ने राष्ट्रपति के विमान के लिए एक कॉल-साइन तय किया, जिससे एयर फोर्स वन का जन्म हुआ।

पिछले साल दिसंबर में एयर फोर्स ने भविष्य के प्रेसिडेंशियल फ़्लीट के लिए ट्रेनिंग और स्पेयर पार्ट्स को सपोर्ट करने के लिए जर्मन कैरियर लुफ्थांसासे लगभग 400 मिलियन डॉलर में दो और बोइंग 747-8 एयरक्राफ़्ट खरीदने की योजना की घोषणा थी। उम्मीद है कि इनमें से एक इस साल डिलीवर हो जाएगा और दूसरा साल के आखिर से पहले आ जाएगा।

ट्रंप एयरफोर्स वन (मॉडिफाइड 747 से) से मॉडिफाइड 757 से दावोस रवाना हुए हैं। इसे भी एयर फोर्स वन ही कहा जाता है। स्विट्जरलैंड की उड़ान के लिए ट्रंप का मूल विमान बोइंग वीसी-25 था। यह मशहूर चार इंजन वाले 747 जेटलाइनर का एक मॉडिफाइड मिलिट्री वर्जन है। उड़ान भरने के तुरंत बाद एक इलेक्ट्रिकल समस्या आने के कारण उस जेट को जॉइंट बेस एंड्रयूज वापस लौटना पड़ा। ट्रंप अब वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के लिए बोइंग सी-32ए में यात्रा कर रहे हैं। यह दो-इंजन वाले 757 जेटलाइनर का यूएस एयर फोर्स वर्जन है।

एयर फोर्स के अनुसार, सी-32 का इस्तेमाल मुख्य रूप से उपराष्ट्रपति, प्रथम महिला और राष्ट्रपति के कैबिनेट के सदस्यों या कांग्रेस के सदस्यों को ले जाने के लिए किया जाता है। इस समय एयर फोर्स के बेड़े में चार सी-32 विमान हैं। बेड़े में दो वीसी-25 विमान भी हैं। नए वीसी-25 विमान तैयार किए जा रहे हैं। मगर इसमें कई वर्ष लग सकते हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकुंद