ईंधन संकट की आशंका के बीच श्रीलंका का बड़ा फैसला, हर बुधवार बंद रहेंगे सरकारी दफ्तर और स्कूल
कोलंबो, 16 मार्च (हि.स.)। संभावित ईंधन संकट और ऊर्जा बचत के उपायों के तहत श्रीलंका सरकार ने हर बुधवार सरकारी दफ्तर, विश्वविद्यालय और स्कूल बंद रखने का फैसला किया है। यह कदम पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति पर पड़ रहे असर को देखते हुए उठाया गया है।
सरकार ने यह निर्णय ऐसे समय में लिया है जब देश में ईंधन की उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ रही है। इससे एक दिन पहले ही सरकार ने सख्त ईंधन राशनिंग प्रणाली लागू की थी, जिसका उद्देश्य लोगों द्वारा घबराहट में अधिक मात्रा में ईंधन खरीदने की प्रवृत्ति को रोकना है।
इसी तरह का कदम बांग्लादेश ने भी 06 मार्च को उठाया था। वहां सरकार ने ईंधन की बिक्री पर दैनिक सीमा तय कर दी है, क्योंकि बाजार में पैनिक बाइंग की खबरें सामने आ रही थीं।
श्रीलंका पहले भी गंभीर ईंधन संकट का सामना कर चुका है। वर्ष 2022 में देश में कई महीनों तक ईंधन की भारी कमी रही, जिसके कारण व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए थे। इन प्रदर्शनों के चलते तत्कालीन राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे को पद छोड़ना पड़ा था।
तब विश्लेषकों ने माना था कि 1948 में आजादी के बाद यह श्रीलंका का सबसे बड़ा आर्थिक संकट था। मौजूदा हालात को देखते हुए सरकार ऊर्जा बचत और ईंधन प्रबंधन के लिए एहतियाती कदम उठा रही है, ताकि देश में दोबारा गंभीर संकट की स्थिति पैदा न हो।
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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय

