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दक्षिण कोरिया के केएफ-21 ने रचा इतिहास, पहली बार अमेरिकी एफ-35 और एफ-16 के साथ भरी उड़ान

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दक्षिण कोरिया के केएफ-21 ने रचा इतिहास, पहली बार अमेरिकी एफ-35 और एफ-16 के साथ भरी उड़ान


सियोल, 31 अक्टूबर (हि.स.)। दक्षिण कोरिया के स्वदेशी लड़ाकू विमान केएफ-21 'बोरामाए' ने अमेरिकी वायु सेना के लड़ाकू विमानों के साथ पहली बार फॉर्मेशन फ्लाइट (एक साथ उड़ान) पूरी की है। यह उड़ान पीला सागर के ऊपर भरी गई। दक्षिण कोरियाई सैन्य अधिकारियों ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी। इसे दोनों देशों की वायु सेनाओं के बीच सैन्य सहयोग और परिचालन तालमेल बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

सैन्य अधिकारियों के अनुसार, दक्षिण कोरियाई वायु सेना के 16वें फाइटर विंग के 156वें फाइटर स्क्वाड्रन में शामिल केएफ-21 बोरामाए ने पिछले शुक्रवार को अमेरिकी वायु सेना के विमानों के साथ संयुक्त उड़ान भरी थी। इस फॉर्मेशन फ्लाइट में अमेरिकी वायु सेना ने यू-2एस 'ड्रैगन लेडी' टोही विमान के साथ एफ-35 और एफ-16 लड़ाकू विमानों को शामिल किया। वहीं, दक्षिण कोरिया की ओर से केएफ-21 बोरामाए के अलावा एफ-35 , एफ-15के और एफए-50 लड़ाकू विमानों ने हिस्सा लिया।

यह पहला मौका है, जब दक्षिण कोरिया के स्वदेशी केएफ-21 फाइटर जेट ने अमेरिकी वायु सेना के विमानों के साथ एक ही फॉर्मेशन में उड़ान भरी है।

यह विशेष उड़ान सोमवार से शुरू होने वाले दोनों देशों के संयुक्त हवाई अभ्यास 'फ्रीडम फ्लैग' से ठीक पहले आयोजित की गई। इस अभ्यास का आयोजन साल में दो बार किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य दक्षिण कोरिया और अमेरिका की वायु सेनाओं के बीच आपसी तालमेल, संयुक्त अभियान क्षमता और युद्ध की तैयारियों को बेहतर बनाना है।

दक्षिण कोरियाई वायु सेना के एक अधिकारी ने बताया कि इस उड़ान का उद्देश्य फ्रीडम फ्लैग अभ्यास से पहले केएफ-21 को अमेरिकी विमानों के साथ संयुक्त परिचालन का अनुभव प्रदान करना था।

अमेरिकी सातवीं वायु सेना ने यूएस फोर्सेज कोरिया की वेबसाइट पर जारी बयान में कहा कि इस मित्रता उड़ान ने कोरियाई प्रायद्वीप में अमेरिकी और दक्षिण कोरियाई वायु सेनाओं की संयुक्त कार्यक्षमता और युद्ध की तैयारी को प्रदर्शित किया। इससे यह भी पता चला कि दोनों देशों की वायु सेनाएं उड़ान अभियानों के दौरान किस तरह मिलकर काम कर सकती हैं।

दक्षिण कोरिया ने जुलाई में अपने पहले स्वदेशी तकनीक से विकसित लड़ाकू विमान केएफ-21 का विकास कार्यक्रम पूरा किया। इसके साथ ही वर्ष 2015 में शुरू हुई महत्वाकांक्षी परियोजना का एक बड़ा चरण पूरा हो गया।

इस परियोजना का उद्देश्य दक्षिण कोरियाई वायु सेना के पुराने अमेरिकी निर्मित एफ-4 और एफ-5 लड़ाकू विमानों की जगह आधुनिक स्वदेशी फाइटर जेट को शामिल करना है। केएफ-21 का पहला उत्पादन मॉडल पिछले महीने 16वें फाइटर विंग को सौंपा गया था। दक्षिण कोरिया की योजना 2027 के मध्य से अंत तक और अधिक केएफ-21 विमानों को वायु सेना में शामिल करने की है।

दक्षिण कोरियाई वायु सेना की योजना 2030 के शुरुआती वर्षों तक 100 से अधिक केएफ-21 लड़ाकू विमानों को अपने बेड़े में शामिल करने की है। इन विमानों को देश की वायु रक्षा और सैन्य अभियानों में प्रमुख भूमिका निभाने के लिए तैयार किया जा रहा है। अमेरिकी विमानों के साथ केएफ-21 की पहली फॉर्मेशन फ्लाइट को दक्षिण कोरिया के स्वदेशी लड़ाकू विमान कार्यक्रम के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। इससे भविष्य में दोनों देशों के बीच संयुक्त हवाई अभियानों और सैन्य सहयोग को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

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हिन्दुस्थान समाचार / अमरेश द्विवेदी