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कतर गैस प्लांट हादसाः 12 भारतीयों सहित 13 की जान गई, 66 घायलों की हालत स्थिर, मेंटेनेंस के बाद दो दिन पहले ही खोला गया था प्लांट

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कतर गैस प्लांट हादसाः 12 भारतीयों सहित 13 की जान गई, 66 घायलों की हालत स्थिर, मेंटेनेंस के बाद दो दिन पहले ही खोला गया था प्लांट


दोहा, 23 जून (हि.स.)। रास लाफ़ान इंडस्ट्रियल सिटी में बरज़ान लोकल गैस सप्लाई फैसिलिटी में रविवार को हुए भीषण धमाके से 12 भारतीयों सहित 13 लोगों की मौत हो गई और 66 लोग घायल हो गए। भारतीय दूतावास के अनुसार, दुर्घटना में घायल हुए अन्य लोगों की स्थिति फिलहाल स्थिर है और उनका उपचार किया जा रहा है। दूतावास ने यह भी बताया कि मृतकों के पार्थिव शरीरों को शीघ्र भारत भेजने की प्रक्रिया को लेकर संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय किया जा रहा है। खास बात यह है कि बरज़ान प्लांट को ज़रूरी मेंटेनेंस के लिए दिसंबर 2025 से बंद रखा गया था और धमाके से सिर्फ़ दो दिन पहले ही इसे दोबारा शुरू किया गया था।

राजधानी दोहा से 80 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में नॉर्थ फील्ड के पास स्थित रास लाफ़ान इंडस्ट्रियल सिटी कतर के सबसे अहम औद्योगिक केंद्रों में से एक है, जहाँ लगभग 1,15,000 लोग काम करते हैं।

वेबसाइट कतर न्यूज के मुताबिक ऊर्जा मामलों के राज्य मंत्री और कतर एनर्जी के प्रेसिडेंट और सीईओ साद शेरिदा अल-काबी ने सोमवार को हादसे की पुष्टि करते हुए दोहा में प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि धमाका रविवार, 21 जून को रात करीब 10:30 बजे हुआ। उन्होंने साफ किया कि यह एक हादसा था, न कि कोई तोड़-फोड़ या दुश्मनी की वजह से हुई घटना।

उन्होंने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि मारे गए लोगों में भारतीय और पाकिस्तानी नागरिक थे। उन्होंने बताया कि घायल हुए 66 लोगों में से किसी की भी हालत जानलेवा नहीं है। घायलों मेंं कतर, भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, केन्या, ईरान, ​​तंजानिया, नाइजीरिया और नेपाल के नागरिक हैं।

अल-काबी ने बताया कि बरज़ान प्लांट को ज़रूरी मेंटेनेंस के लिए दिसंबर 2025 से बंद रखा गया था और धमाके से सिर्फ़ दो दिन पहले ही इसे दोबारा शुरू किया गया था। कतर एनर्जी की इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम और कतर सिविल डिफेंस ने तेज़ी से आग पर काबू पा लिया। घटना की वजह का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है।

कतर एनर्जी के अनुसार, 2022 में शुरू हुए बरज़ान कॉम्प्लेक्स से घरेलू स्तर पर पाइपलाइन गैस की सप्लाई होती है। इसमें स्थानीय बिजली उत्पादन और पानी को खारापन मुक्त करने वाले (डिसैलिनेशन) प्लांट के साथ-साथ स्थानीय उद्योगों को हर दिन 1.4 बिलियन स्टैंडर्ड क्यूबिक फ़ीट गैस सप्लाई करने की क्षमता है। यह फैसिलिटी स्थानीय बाजार और एक्सपोर्ट, दोनों के लिए इथेन, कंडेनसेट और सल्फर जैसे हाइड्रोकार्बन प्रोडक्ट भी सप्लाई करती है।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव पाश