'वर्ल्ड जस्टिस प्रोजेक्ट रूल ऑफ लॉ इंडेक्स' में पाकिस्तान 130वें स्थान पर, न्याय व्यवस्था पर उठे सवाल
इस्लामाबाद, 02 नवंबर (हि.स.)। विश्व न्याय परियोजना (डब्ल्यूजेपी) के कानून के राज सूचकांक-2025 में पाकिस्तान को 143 देशों में 130वां स्थान मिला है। इस रैंकिंग ने देश की न्याय व्यवस्था और संस्थागत ढांचे की स्थिति पर बहस तेज कर दी है। हालांकि, पाकिस्तानी अखबार द एक्सप्रेस ट्रिब्यून में प्रकाशित एक लेख में कहा गया है कि इस नतीजे को न तो खारिज किया जाना चाहिए और न ही इसके लिए बिना भेदभाव किसी एक संस्था को जिम्मेदार ठहराना उचित है।
सूचकांक में सरकार की शक्तियों पर नियंत्रण, भ्रष्टाचार, खुली सरकार, मौलिक अधिकार, कानून-व्यवस्था एवं सुरक्षा, नियामकीय प्रवर्तन, दीवानी न्याय और आपराधिक न्याय समेत आठ मानकों पर देशों का आकलन किया जाता है। पाकिस्तान दीवानी न्याय के मामले में 129वें और आपराधिक न्याय में 101वें स्थान पर रहा। रिपोर्ट के अनुसार, दीवानी न्याय तक पहुंच और उसकी वहनीयता के मामले में पाकिस्तान का स्कोर 0.36, मुकदमों में अनुचित देरी के मामले में 0.28 और फैसलों के प्रभावी क्रियान्वयन में 0.35 रहा।
लेखक शाहिद हुसैन कंबोयो के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय सूचकांक कमियों को सामने लाने और सुधारों को प्रोत्साहित करने का माध्यम हैं, लेकिन सर्वेक्षणों और विशेषज्ञों के आकलन को संस्थागत रिकॉर्ड तथा आम लोगों के अनुभवों के साथ देखकर समझना चाहिए। उन्होंने लिखा कि रैंकिंग में सुधार का वास्तविक पैमाना केवल सूची में बेहतर स्थान हासिल करना नहीं, बल्कि आम नागरिकों का कानून पर भरोसा मजबूत होना है।
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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय

