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पाकिस्तान में परिवहन मालिकों की चेतावनी- पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने से बंद हो जाएंगे कारोबार

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पाकिस्तान में परिवहन मालिकों की चेतावनी- पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने से बंद हो जाएंगे कारोबार


इस्लामाबाद, 03 अप्रैल (हि.स.)। पाकिस्तान में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में ऐतिहासिक बढ़ोतरी ने आर्थिक और सामाजिक चिंता को गहरा कर दिया है। घोषित नई दरों के बाद पेट्रोल 458 रुपये और डीजल 520 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया है। इस फैसले के खिलाफ जमात-ए-इस्लामी समेत कई राजनीतिक और व्यावसायिक संगठनों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी प्रमुख हाफ़िज नईम-उर-रहमान ने इसे अस्वीकार्य और घोर अन्याय बताया है। वहीं, परिवहन मालिकों ने चेतावनी दी है कि बढ़ती लागत के कारण उनका कारोबार बंद हो सकता है, जिससे देश की आवाजाही और सप्लाई सिस्टम बुरी तरह प्रभावित हो सकता है।

जिओ न्यूज और अन्य मीडिया रिपाेर्टस के अनुसार पाकिस्तान के पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज़ मलिक ने गुरुवार देर रात ईंधन की कीमतों में भारी बढ़ोतरी की घोषणा की। उन्होंने पेट्रोल की कीमत 137.23 रुपये प्रति लीटर बढ़ाकर 458.41 रुपये कर दी और हाई-स्पीड डीजल की कीमत 184.49 रुपये प्रति लीटर बढ़ाकर 520.35 रुपये कर दी। मंत्री ने इस बढ़ोतरी का कारण मध्य-पूर्व में चल रहे संघर्ष और वैश्विक ऊर्जा लागत में हो रही वृद्धि को बताया।

जमात-ए-इस्लामी के प्रमुख हाफिज नईम-उर-रहमान ने इस बढ़ोतरी को घोर अन्याय बताया और कहा कि इसका सबसे ज़्यादा असर कम और मध्यम आय वाले परिवारों पर पड़ेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि बाइक चलाने वालों, डिलीवरी करने वालों, छात्रों और दिहाड़ी मज़दूरों को इस मूल्य वृद्धि का सबसे ज़्यादा खामियाज़ा भुगतना पड़ेगा। सरकार ने पहले पेट्रोल की कीमत 55 रुपये बढ़ाई थी और अब हालिया संशोधन में 137 रुपये बढ़ा दी है, जाे क्रूरता की हद है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र बिजली उत्पादक (आईपीपी) को अरबों रुपये का भुगतान किया जा रहा है, लेकिन पाकिस्तान के आम आदमी को कोई राहत नहीं मिल रही है।

खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री के विशेष सहायक शफ़ी जान ने पाकिस्तान सरकार के इस फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि पेट्रोल की कीमत 458 रुपये और डीजल 520 रुपये तय करना घोर अन्याय है। उन्होंने ईंधन संकट का कारण संघीय सरकार की दोषपूर्ण आर्थिक नीतियों को बताया और कहा कि जनता के सब्र का बांध अब टूटता जा रहा है।

ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने भी पेट्राेल कीमतों में बढ़ोतरी पर चिंता जताई है। पाकिस्तान पब्लिक ट्रांसपोर्ट ओनर्स एसोसिएशन ने शुक्रवार काे लाहौर में एक इमरजेंसी मीटिंग बुलाई, जिसमें जोर देकर कहा गया कि डीजल की कीमतों में हुई भारी बढ़ोतरी के हिसाब से किराया नहीं बढ़ाया जा सकता। उन्हाेंने चेतावनी दी कि अगर कीमतों में लगातार बढ़ोतरी होती रही तो ट्रांसपोर्टरों को अपना कारोबार बंद करना पड़ सकता है।

कराची के ट्रांसपोर्ट सेक्टर ने भी इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। पाकिस्तान गुड्स ट्रांसपोर्ट अलायंस के प्रेसिडेंट मलिक शहजाद ने ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी की निंदा करते हुए बढ़ती लागत से निपटने के लिए माल ढुलाई के किराए में 60 प्रतिशत की बढ़ोतरी की घोषणा की।

इस बीच, पाकिस्तान बिजनेस फोरम ने मौजूदा असाधारण परिस्थितियों के बावजूद सरकार द्वारा पेट्रोलियम लेवी को बढ़ाकर 160 रुपये प्रति लीटर करने के फैसले पर निराशा व्यक्त की है। फाेरम ने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ़ से इस लेवी को तुरंत खत्म करने की अपील करते हुए कहा कि कारोबारों और आम उपभोक्ताओं पर पड़ रहा यह बोझ अब असहनीय होता जा रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / अमरेश द्विवेदी