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पाकिस्तान में नये साइबर कानून का पत्रकारों ने किया विरोध, अभिव्यक्ति की आजादी पर उठाए सवाल

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इस्लामाबाद, 30 जुलाई (हि.स.)। पाकिस्तान में साइबर अपराधों की रोकथाम से जुड़े संशोधित कानून प्रिवेंशन ऑफ इलेक्ट्रॉनिक क्राइम्स एक्ट (पीईसीए) 2025 को लेकर पत्रकार संगठनों का विरोध तेज हो गया है। राजधानी इस्लामाबाद में बड़ी संख्या में पत्रकारों और मीडिया कर्मियों ने कानून की समीक्षा की मांग करते हुए कहा कि यह संविधान में प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार के विपरीत है।

स्थानीय पत्रकार संगठनों के बैनर तले आयोजित एक सम्मेलन में मीडिया प्रतिनिधियों ने कहा कि नया कानून स्वतंत्र पत्रकारिता के लिए चुनौती बन सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल के वर्षों में पत्रकारों को असुरक्षित कार्य वातावरण, आर्थिक दबाव, कानूनी कार्रवाई और धमकियों जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

रिपोर्टों के अनुसार, पत्रकार संगठनों का कहना है कि साइबर कानून का इस्तेमाल आलोचनात्मक रिपोर्टिंग और सार्वजनिक मुद्दों पर टिप्पणी करने वाले पत्रकारों के खिलाफ भी किया जा रहा है। उन्होंने सरकार से कानून में आवश्यक संशोधन कर प्रेस की स्वतंत्रता और नागरिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।

मीडिया अधिकारों से जुड़े विभिन्न संगठनों ने भी प्रेस पर बढ़ते दबाव, कानूनी मामलों, डिजिटल उत्पीड़न और आर्थिक चुनौतियों को लेकर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है, इसलिए इससे जुड़े कानूनों में संतुलन और पारदर्शिता आवश्यक है।

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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय