home page

पाकिस्तान की आतंकवाद रोधी अदालत ने माहरंग बलोच समेत चार नेताओं को उम्रकैद की सजा सुनाई

 | 

इस्लामाबाद, 22 जून (हि.स.)। पाकिस्तान की एक आतंकवाद निरोधी अदालत ने बलोच अधिकार आंदोलन से जुड़े चार कार्यकर्ताओं, जिनमें प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता माहरंग बलोच भी शामिल हैं, को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह फैसला बलूचिस्तान के ग्वादर जिले में आयोजित एक सभा के दौरान एक सुरक्षा अधिकारी की मौत से जुड़े मामले में आया है।

अदालती फैसले के अनुसार, मामले में दोषी ठहराए गए अन्य लोगों में छात्र और राजनीतिक संगठनों से जुड़े कई नेता भी शामिल हैं। अभियोजन पक्ष का आरोप था कि एक सार्वजनिक सभा के दौरान हुई हिंसा में एक फ्रंटियर कॉर्प्स अधिकारी की मृत्यु हुई थी।

सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए मामले की सुनवाई विशेष अदालत में की गई। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष की दलीलों के आधार पर आरोपितों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

हालांकि, इस फैसले के बाद बलोच संगठनों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने न्यायिक प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि मुकदमे की निष्पक्षता, साक्ष्यों की विश्वसनीयता और सुनवाई की प्रक्रिया को लेकर कई चिंताएं मौजूद हैं।

बलोच संगठनों ने आरोप लगाया है कि मामले में दर्ज शिकायतों और उपलब्ध तथ्यों में विरोधाभास हैं। उनका कहना है कि अदालत का फैसला राजनीतिक असहमति और सामाजिक आंदोलनों को दबाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

दूसरी ओर, पाकिस्तानी अधिकारियों का कहना है कि अदालत ने कानून के दायरे में रहते हुए फैसला सुनाया है। मामले से जुड़े कानूनी विकल्प अभी भी खुले हैं और दोषी ठहराए गए पक्ष उच्च अदालतों में अपील कर सकते हैं।

------------------------

हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय