भारतीय पर्यटकों के नेपाल प्रवेश पर प्रतिबंध की खबरों को पर्यटन बोर्ड ने बताया भ्रामक
काठमांडू, 13 मई (हि.स.)। नेपाल पर्यटन बोर्ड ने भारतीय पर्यटकों पर नए प्रतिबंध लगाए जाने संबंधी फैल रही खबरों को भ्रामक और तथ्यहीन बताते हुए स्पष्ट किया है कि नेपाल सरकार ने भारतीय नागरिकों की यात्रा व्यवस्था में कोई नया बदलाव नहीं किया है।
पर्यटन बोर्ड ने बुधवार को एक बयान में कहा कि कुछ भारतीय मीडिया संस्थानों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्मों पर ऐसी गलत सूचनाएं प्रसारित की जा रही हैं कि नेपाल आने वाले भारतीय पर्यटकों के लिए अनिवार्य पहचान पत्र, 30 दिन की समय सीमा तथा अधिक समय रुकने पर वाहनों की जब्ती जैसी नई व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। बोर्ड ने इन सभी दावों को पूरी तरह निराधार और भ्रम फैलाने वाला बताया।
नेपाल सरकार ने स्पष्ट किया कि भारतीय पर्यटकों के नेपाल में रहने की अवधि को सीमित करने वाली कोई नई नीति लागू नहीं की गई है। साथ ही नेपाल और भारत के बीच लंबे समय से चली आ रही खुली सीमा व्यवस्था तथा द्विपक्षीय समझौतों में भी कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। बयान में कहा गया है कि नेपाल और भारत के बीच ऐतिहासिक जनस्तरीय संबंध, सांस्कृतिक निकटता और पर्यटन सहयोग पहले की तरह मजबूत और कायम हैं।
बोर्ड ने यह भी जानकारी दी कि नेपाल सरकार ने हाल ही में भारतीय और अन्य विदेशी पर्यटकों की सुविधा के लिए एक नई ऑनलाइन प्रणाली शुरू की है। भन्सार विभाग द्वारा विकसित इस डिजिटल प्रणाली के माध्यम से निजी वाहनों से नेपाल आने वाले विदेशी नागरिक अब अस्थायी प्रवेश अनुमति और राजस्व भुगतान की प्रक्रिया ऑनलाइन पूरा कर सकते हैं।
नेपाल पर्यटन बोर्ड के अनुसार इस व्यवस्था का उद्देश्य सीमा नाकों पर प्रक्रिया को सरल बनाना, यात्रियों की असुविधा कम करना और पर्यटकों को बेहतर अनुभव प्रदान करना है। बोर्ड ने मीडिया संस्थानों, डिजिटल प्लेटफॉर्मों, पर्यटन व्यवसायियों और आम नागरिकों से अपुष्ट सूचनाएं साझा न करने तथा केवल नेपाल सरकार और नेपाल पर्यटन बोर्ड के आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है। यह भी कहा गया है कि नेपाल भारतीय पर्यटकों सहित दुनिया भर के आगंतुकों के लिए सुरक्षित, मैत्रीपूर्ण और स्वागतयोग्य पर्यटन गंतव्य बना हुआ है।
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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास

