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नेपाल संसद को सुचारू करने के लिए सत्तापक्ष और प्रतिपक्ष के बीच बनी सहमति

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नेपाल संसद को सुचारू करने के लिए सत्तापक्ष और प्रतिपक्ष के बीच बनी सहमति


काठमांडू, 10 जून (हि.स.)। नेपाल के विपक्षी दलों ने बुधवार को सिंहदरबार में सत्तारूढ़ दल के नेताओं के साथ हुई बैठक के बाद संसद में लंबे समय से जारी अवरोध समाप्त करने पर सहमति जताई है। यह सहमति कई दिनों से जारी राजनीतिक वार्ताओं के बाद बनी है, जिनका उद्देश्य संसद की कार्यवाही में पैदा हुए गतिरोध को समाप्त करना था।

प्रमुख विपक्षी दल नेपाली कांग्रेस के प्रमुख सचेतक निष्कल राई ने बताया कि विपक्षी दलों ने विदेश मंत्री शिशिर खनाल को प्रतिनिधि सभा में संबोधन करने की अनुमति देने पर सहमति व्यक्त की है। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह के सीमा मुद्दे पर दिए गए उस विवादित बयान को संसदीय अभिलेख से हटाने के लिए सभामुख से अनुरोध किया जाएगा, जिसने इस विवाद को जन्म दिया था।

राई ने कहा कि विपक्षी दल इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि संसद की लगातार अवरुद्ध कार्यवाही से जनता के बीच नकारात्मक संदेश जा रहा है। इसी कारण उन्होंने आगे संसद की कार्यवाही में बाधा नहीं डालने का निर्णय लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्ष अपने मुद्दों को उठाता रहेगा और जिन विषयों पर वह लगातार आवाज उठा रहा है, उन पर सरकार का ध्यान आकर्षित करता रहेगा।

नेपाल-भारत सीमा संबंधी मुद्दों पर प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह की टिप्पणी को लेकर स्पष्टीकरण की मांग करते हुए विपक्षी दलों ने कई दिनों से संसद की कार्यवाही बाधित कर रखी थी, जिसके कारण संसदीय गतिरोध बना हुआ था।

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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास