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जनसंख्या वृद्धि को प्रोत्साहित करने के लिए नेपाल में मातृत्व अवकाश में बढ़ोतरी का प्रस्ताव

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जनसंख्या वृद्धि को प्रोत्साहित करने के लिए नेपाल में मातृत्व अवकाश में बढ़ोतरी का प्रस्ताव


काठमांडू, 28 सितंबर (हि.स.)। नेपाल की स्वास्थ्य मंत्री निशा मेहता ने कहा है कि जनसंख्या वृद्धि को प्रोत्साहित करने के लिए मातृत्व अवकाश के जरिए प्रोत्साहन देने का भी प्रस्ताव किया गया है। उन्होंने सोमवार को प्रतिनिधि सभा में सुरक्षित मातृत्व तथा प्रजनन स्वास्थ्य अधिकार (पहला संशोधन) विधेयक, 2026 पेश करते हुए यह बात कही।

विधेयक पेश करते हुए मंत्री मेहता ने कहा, “नेपाल की नवीनतम जनगणना के अनुसार देश की जनसंख्या वृद्धि दर लगातार घट रही है। इसलिए जनसंख्या वृद्धि को प्रोत्साहित करने के लिए अवकाश संबंधी प्रोत्साहन सहित अन्य प्रावधानों को कानून में शामिल करना आवश्यक है।”

मंत्री मेहता ने यह विधेयक 21 सितंबर को प्रतिनिधि सभा में पेश किया था। प्रस्तावित विधेयक के अनुसार सरकारी, गैर-सरकारी या निजी संस्थानों में कार्यरत महिलाओं को प्रसव से पहले और बाद में कुल छह महीने का सवेतन मातृत्व अवकाश मिलेगा। इसके अलावा, जिन पुरुष कर्मचारियों की पत्नी बच्चे को जन्म देती है, उन्हें 42 दिनों का सवेतन पितृत्व अवकाश देने का प्रस्ताव किया गया है।

मौजूदा कानून में माताओं को 90 दिनों का मातृत्व अवकाश मिलता है। नए विधेयक में इसे बढ़ाकर छह महीने करने का प्रस्ताव है। वहीं, पितृत्व अवकाश को मौजूदा 15 दिनों से बढ़ाकर 42 दिन करने का प्रस्ताव किया गया है।

मंत्री मेहता ने कहा कि यह विधेयक सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण, सस्ती और सुलभ मातृ एवं प्रजनन स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने तथा महिलाओं के सुरक्षित मातृत्व और प्रजनन स्वास्थ्य से जुड़े संवैधानिक अधिकारों का सम्मान, संरक्षण और पालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से भी लाया गया है।

विधेयक में प्रसव सेवाएं प्रशिक्षित प्रसव सहायकों के माध्यम से उपलब्ध कराने का प्रावधान भी किया गया है। साथ ही, मातृत्व सेवाएं देने से इनकार करने पर रोक और प्रसव के दौरान महिलाओं के खिलाफ किसी भी प्रकार की हिंसा पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव है।

इसके अलावा, विशेष परिस्थितियों में गर्भपात से जुड़े प्रावधानों में संशोधन और नए प्रावधान शामिल किए गए हैं। जबरन गर्भपात से संबंधित प्रावधान भी विधेयक में शामिल हैं। प्रस्तावित संशोधनों के तहत नए जोड़े गए कुछ अपराधों को आपराधिक कृत्य माना जाएगा और उनके लिए दंड का प्रावधान किया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास