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प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह का वित्त मंत्री स्वर्णिम वागले से मतभेद की चर्चा जोरों पर

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प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह का वित्त मंत्री स्वर्णिम वागले से मतभेद की चर्चा जोरों पर


काठमांडू, 20 जुलाई (हि.स.)। नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने वित्त मंत्री डॉ स्वर्णिम वाग्ले की मौजूदगी के बावजूद प्रधानमंत्री कार्यालय से सीधे आर्थिक मामलों पर परामर्श तेज कर दिया है। इससे प्रधानमंत्री कार्यालय और वित्त मंत्रालय के बीच समन्वय को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

हाल के दिनों में प्रधानमंत्री कार्यालय ने वित्त मंत्रालय की प्रत्यक्ष भागीदारी के बिना आर्थिक क्षेत्र से जुड़े विभिन्न हितधारकों के साथ कई दौर की बैठकें की हैं। आलोचकों का कहना है कि यह या तो आर्थिक मामलों में प्रधानमंत्री कार्यालय की बढ़ती भूमिका का संकेत है या फिर वित्त मंत्रालय के साथ समन्वय की कमी को दर्शाता है।

सोमवार को प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने प्रधानमंत्री कार्यालय में पूंजी बाजार, प्रतिभूति क्षेत्र और बीमा उद्योग से जुड़े प्रतिनिधियों के साथ बैठक की।

इस बैठक में वित्त मंत्रालय के अधीन आने वाले निकायों के अधिकारी भी शामिल हुए, जिनमें नेपाल प्रतिभूति बोर्ड (SEBON) के अध्यक्ष गोपाल भट्ट और नेपाल स्टॉक एक्सचेंज (NEPSE) के अध्यक्ष अमृत लम्साल प्रमुख थे।

इसके अलावा स्टॉक ब्रोकर्स एसोसिएशन ऑफ नेपाल के अध्यक्ष सागर ढकाल, नासा सिक्योरिटीज के संदीप जालान, नेपाल स्टॉक एक्सचेंज के पूर्व सीईओ सीताराम थपालिया, नेपाल लाइफ इंश्योरेंस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी नवराज सिलवाल, सिटिजन स्टॉक डीलर कंपनी लिमिटेड के सीईओ महेश्वर लाल श्रेष्ठ, प्रिया राज रेग्मी और अम्बिका प्रसाद पौडेल भी बैठक में शामिल हुए।

प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार बैठक में पूंजी बाजार की वर्तमान स्थिति, प्रतिभूति और बीमा क्षेत्र को मजबूत बनाने, नीतिगत सुधारों तथा राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था से जुड़े व्यापक मुद्दों पर चर्चा हुई। ये विषय सामान्यतः वित्त मंत्रालय के अधिकार क्षेत्र में आते हैं, लेकिन बैठक में वित्त मंत्री स्वर्णिम वाग्ले मौजूद नहीं थे।

उधर, इसी समय वित्त मंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले ने चालू वित्तीय वर्ष के बजट के कार्यान्वयन से जुड़े मंत्रालयों के सचिवों के साथ अलग बैठक की।

वित्त मंत्री की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में राष्ट्रीय योजना आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. गुणाकर भट्ट, वित्त सचिव डॉ. घनश्याम उपाध्याय तथा भौतिक अवसंरचना, उद्योग एवं वाणिज्य, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, विदेश, संस्कृति, पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन, श्रम, महिला एवं बालबालिका, गृह और रक्षा मंत्रालयों के सचिव शामिल हुए। प्रधानमंत्री कार्यालय का कोई प्रतिनिधि इस बैठक में मौजूद नहीं था।

हाल के दिनों में प्रधानमंत्री शाह ने वित्त मंत्री वाग्ले को शामिल किए बिना कई सरकारी अधिकारियों और निजी क्षेत्र के प्रतिनिधियों के साथ आर्थिक विषयों पर अलग-अलग बैठकें की हैं।

इससे पहले उन्होंने प्रमुख उद्योग एवं व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ भी बैठक की थी, जिसमें सांसद विदुषी राणा भी शामिल हुई थीं। इसके बाद उन्होंने नेपाल राष्ट्र बैंक के गवर्नर प्रो. डॉ विश्व पौडेल से भी अलग मुलाकात की। इन दोनों बैठकों में भी वित्त मंत्री वाग्ले शामिल नहीं थे।

इन घटनाक्रमों ने प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह और वित्त मंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले के बीच रिश्तों में तनाव की चर्चाओं को और बल दिया है। बताया जाता है कि सरकार गठन के समय से ही दोनों के संबंधों को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा होती रही है।

इसी बीच, बढ़ती अटकलों के बीच राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी के अध्यक्ष रवि लामिछाने और वित्त मंत्री स्वर्णिम वाग्ले ने शनिवार और रविवार को काभ्रे के धुलिखेल स्थित दुसित थानी रिसॉर्ट में आवासीय स्तर पर बैठक की।

हालांकि इस बैठक के बारे में दोनों पक्षों ने आधिकारिक रूप से कोई जानकारी साझा नहीं की है, लेकिन चर्चा से जुड़े सूत्रों का कहना है कि बातचीत का मुख्य विषय प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री के बीच पैदा हुए तनाव से जुड़ा था।

सोमवार को प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री द्वारा अलग-अलग आर्थिक बैठकों का आयोजन किए जाने से सरकार की आर्थिक निर्णय प्रक्रिया में समन्वय को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास