नेपाल में निजी शिक्षा और स्वास्थ्य पर 3 फीसदी अतिरिक्त टैक्स नहीं लगेगा : प्रधानमंत्री
काठमांडू, 21 जुलाई (हि.स.)। नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने घोषणा की है कि निजी शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र पर प्रस्तावित 3 प्रतिशत समता कर फिलहाल लागू नहीं किया जाएगा।
प्रधानमंत्री ने मंगलवार को सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि मौजूदा स्थिति में इस कर को लागू करने से आम नागरिकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा और लोगों में निराशा बढ़ेगी। प्रधानमंत्री शाह ने कहा कि वित्त मंत्री स्वर्णिम वाग्ले से परामर्श के बाद फिलहाल शिक्षा समता शुल्क और स्वास्थ्य समता शुल्क लागू न करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि यह सरकार जनता के विश्वास और अपेक्षाओं से बनी जनमुखी सरकार है। हमारा मुख्य उद्देश्य सुशासन स्थापित करते हुए प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण जीवन का अनुभव कराना है।
प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि 3 प्रतिशत समता कर का उद्देश्य दूरदराज और पिछड़े क्षेत्रों के लोगों तक बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना, दलित, वंचित और गरीब बच्चों की सहायता करना, स्वास्थ्य बीमा का विस्तार करना तथा इन योजनाओं के लिए आवश्यक आर्थिक संसाधन जुटाना था। इसके अलावा कर के दायरे का विस्तार कर अर्थव्यवस्था को अधिक व्यवस्थित बनाना भी सरकार का लक्ष्य था। उन्होंने कहा कि समता कर को लेकर नागरिकों की व्यापक प्रतिक्रिया और असंतोष को सरकार ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा कि सरकार जनता की आवाज सुनते हुए आगे बढ़ेगी और समानतामूलक समाज के निर्माण के अपने संकल्प पर कायम रहेगी।
प्रधानमंत्री शाह ने कहा कि सरकार के सभी निर्णय नागरिकों के हित को केंद्र में रखकर लिए जाएंगे और यदि किसी निर्णय से जनता असंतुष्ट होती है तो उसमें सुधार और संशोधन करने के लिए सरकार हमेशा तैयार रहेगी। उन्होंने यह भी दोहराया कि गरीब और जरूरतमंद नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सरकार निजी अस्पतालों में 10 प्रतिशत बेड तथा निजी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में 10 प्रतिशत सीटें पारदर्शी और न्यायसंगत तरीके से उपलब्ध कराने की नीति को लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास

