नेपाल प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह को संसद में काला चश्मा पहनने से रोका, मेडिकल रिपोर्ट के साथ भेजा अनुरोध
काठमांडू, 25 अगस्त (हि.स.)। नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह के संसद में काला चश्मा पहनकर आने पर रोक लगाए जाने के बाद अब उनकी तरफ से इस संबंध में मेडिकल रिपोर्ट जमा करते हुए काला चश्मा पहनना जरूरी होने संबंधी लिखित अनुरोध भेजा है।
प्रधानमंत्री शाह के स्वास्थ्य परीक्षण रिपोर्ट सहित का पत्र संघीय संसद सचिवालय को प्राप्त होने की पुष्टि संसद सचिवालय के सहसचिव एवं प्रवक्ता एकराम गिरी ने की है।
इससे पहले प्रतिनिधिसभा के स्पीकर डोलप्रसाद अर्याल ने प्रमुख सचेतक और सचेतकों के माध्यम से सांसदों से सदन में काला चश्मा नहीं पहनने के लिए नियम पारित करते हुए इस पर अमल करने का निर्देश दिया था।
संसद की गरिमा और मर्यादा का सवाल खड़ा करते हुए सांसदों की ओर से प्रधानमंत्री के काला चश्मा पहन कर सदन में आने पर काफी आलोचना हुई। इसके बाद स्पीकर ने सभी दलों के प्रमुख सचेतकों को बुलाकर अपनी-अपनी पार्टी के सांसदों और मंत्रियों को काला चश्मा पहन कर सदन की बैठक में आने पर प्रतिबंध लगाए जाने की बात कही।
स्पीकर के द्वारा भेजे गए निर्देश में यह स्पष्ट किया गया था कि यदि किसी सांसद को स्वास्थ्य संबंधी कारणों से काला चश्मा पहनना जरूरी है, तो इसके लिए स्वास्थ्य परीक्षण रिपोर्ट पेश करनी होगी। इसी व्यवस्था के अनुसार प्रधानमंत्री शाह की ओर से स्वास्थ्य परीक्षण रिपोर्ट सहित पत्र संसद सचिवालय में भेजा गया है।
बुधवार को प्रतिनिधिसभा की बैठक में प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह के साथ प्रत्यक्ष प्रश्नोत्तर कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में 11 सांसद प्रधानमंत्री शाह से सीधे सवाल पूछेंगे।
इससे पहले जब भी प्रधानमंत्री शाह ने सदन की कार्रवाई में हिस्सा लिया था, हर वक्त वो काला चश्मा पहन कर ही आते नजर आए। इतना ही नहीं शपथग्रहण के समय हो या पदभार ग्रहण या फिर विदेशी कूटनीतिज्ञों से मुलाकात के समय वो काला चश्मा में ही नजर आए।
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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास

