नेपाल में सत्ता के तौर-तरीकों पर सत्ता पक्ष के सांसद का हमला, बोले- ‘आग की लपटें बुझी हैं, चिंगारी अब भी बाकी है’
काठमांडू, 08 अगस्त (हि.स.)। नेपाल के सत्तारूढ़ दल राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) के प्रवक्ता तथा सांसद मनीष झा ने अपनी ही पार्टी की सरकार के शासन करने के तौर-तरीकों की तीखी आलोचना करते हुए आज चेतावनी दी कि जनता का असंतोष अभी वास्तव में खत्म नहीं हुआ है।
नेपाली संसद, प्रतिनिधि सभा में बोलते हुए झा ने कहा, “आग की लपटें भले ही बुझा दी गई हों, लेकिन चिंगारी अभी भी बाकी है।” उन्होंने सत्ता में बैठे लोगों से अपने कथित “काले चश्मे” उतारकर जमीन पर मौजूद वास्तविकताओं का सामना करने का आग्रह किया।
झा ने कहा कि वह सरकार की नीयत या ईमानदारी पर सवाल नहीं उठा रहे हैं, लेकिन सरकार अलग-अलग समूहों के लिए अलग-अलग मापदंड अपना रही है। इससे असंतोष और शंका पैदा होती है।
उन्होंने मधेश की स्थिति का उदाहरण देते हुए कहा कि सीमा नाकों पर गरीब नागरिकों से 25 रुपये के चिप्स के छोटे पैकेट तक जब्त कर लिए जाते हैं, जबकि महंगी विलासिता वाली वस्तुएं, जैसे ब्लू लेबल शराब, हवाई अड्डों के रास्ते बिना किसी रुकावट के देश में प्रवेश कर जाती हैं।
उन्होंने कहा कि वास्तविक समृद्धि केवल आर्थिक विकास से हासिल नहीं की जा सकती। इसके लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, मजबूत लोकतांत्रिक व्यवस्था और सामाजिक न्याय जरूरी हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास

