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रविवार को अस्पतालों में ओपीडी संचालन संभव नहीं : नेपाल चिकित्सक संघ

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रविवार को अस्पतालों में ओपीडी संचालन संभव नहीं : नेपाल चिकित्सक संघ


काठमांडू, 11 अप्रैल (हि.स.) नेपाल चिकित्सक संघ (एनएमए) ने देश के सभी अस्पतालों में रविवार को बाह्यरोगी विभाग (ओपीडी) के संचालन में असमर्थता जताई है।

नेपाल सरकार द्वारा सप्ताह में दो दिन सार्वजनिक अवकाश देने के साथ ही देशभर के अस्पतालों में रविवार के दिन मरीजों की सहूलियत के लिए ओपीडी सेवा चलने का निर्देश दिया था। लेकिन एनएमए ने जनशक्ति अपर्याप्त होने का हवाला देते हुए सरकार के निर्देश को लागू करने में असमर्थता व्यक्त की है। संघ ने स्वास्थ्य विभाग में कार्मिक सुविधाओं में आमूलचूल सुधार करने की भी मांग की है।

नेपाल चिकित्सक संघ ( एनएमए) ने स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा शुक्रवार को जारी निर्देश के संदर्भ में शनिवार को एक बयान जारी कर कहा है कि रविवार को ओपीडी सेवा देना संभव नहीं होगा। बयान में संघ के महासचिव डॉ. संजीव तिवारी ने कहा कि सरकार ने सप्ताह में दो दिन—शनिवार और रविवार—सार्वजनिक अवकाश देने का निर्णय लिया है। हालांकि, मंत्रालय ने अस्पतालों से अपनी जनशक्ति के आधार पर रविवार को भी ओपीडी सेवा जारी रखने का अनुरोध किया था, लेकिन अतिरिक्त जनशक्ति उपलब्ध न होने के कारण यह संभव नहीं है।

संघ ने बताया कि चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी 9 से 5 की ड्यूटी के अलावा ऑन डिमांड, ऑलराउंड और इमरजेंसी जैसी सेवाएं 24 घंटे प्रदान करते हैं, लेकिन इन कार्यों का उचित समय-गणना नहीं की जाती है, जो अन्यायपूर्ण है। जब तक स्वास्थ्य संस्थानों में जनशक्ति का सुनियाेजित प्रबंधन नहीं किया जाता, तब तक मंत्रालय का रविवार को सेवा देने का अनुरोध लागू नहीं किया जा सकता।

संघ ने यह भी कहा कि अस्पताल कर्मचारियों को शनिवार के अलावा सप्ताह में एक और दिन अवकाश देने या अवकाश न दे पाने की स्थिति में बदले में छुट्टी (समायाेजित अवकाश) देने का प्रावधान है, लेकिन अतीत में कर्मचारियों को इस सुविधा से वंचित रखा गया है। संघ के अनुसार, ईंधन की कमी के कारण सप्ताह में दो दिन अवकाश देने का निर्णय लिया गया है, ऐसे में स्वास्थ्य संस्थानों में ओपीडी समय बढ़ाकर ईंधन की अतिरिक्त खपत करना पूर्णत: अव्यावहारिक है।

संघ ने आगाह किया है कि यदि शनिवार और रविवार दोनों दिन अवकाश देने का निर्णय स्पष्ट रूप से लागू नहीं किया गया, तो स्वास्थ्य संस्थानों में और अधिक भ्रम की स्थिति पैदा होगी। इसलिए उसने स्वास्थ्य मंत्रालय से अपना निर्देश वापस लेने को कहा है। संघ ने यह भी चेतावनी दी कि यदि न्यूनतम सुविधाएं देकर जबरन काम कराने की प्रवृत्ति समाप्त नहीं की गई, तो चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।

इससे पहले स्वास्थ्य मंत्रालय ने देशभर के अस्पतालों को रविवार को भी ओपीडी सेवा संचालित करने की व्यवस्था करने का निर्देश दिया था। सरकार द्वारा शनिवार और रविवार को सार्वजनिक अवकाश घोषित किए जाने के बाद कई अस्पतालों ने रविवार को ओपीडी सेवा बंद कर दी थी, जिसके बाद मंत्रालय ने यह निर्देश जारी किया था।

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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास