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ओली की गिरफ्तारी को राजनीतिक प्रतिशोध बताना शहीदों का अपमान : लामिछाने

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ओली की गिरफ्तारी को राजनीतिक प्रतिशोध बताना शहीदों का अपमान : लामिछाने


काठमांडू, 02 अप्रैल (हि.स.)। नेपाल प्रतिनिधि सभा की पहली बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) के अध्यक्ष रवि लामिछाने ने कहा है कि न्याय पाने का पहला अधिकार शहीद की मां का होता है और इसे राजनीतिक प्रतिशोध के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

ओली की गिरफ्तारी पर विपक्षी दल यूएमएल के सांसदों के विरोध पर जवाब देते हुए रवि लामिछाने ने कहा कि इस घटना को राजनीतिक प्रतिशोध बताना शहीदों का अपमान है। पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृहमंत्री रमेश लेखक की गिरफ्तारी को नेपाल के सत्तारूढ़ दल ने राजनीतिक प्रतिशोध नहीं, बल्कि शहीदों को न्याय के साथ जोड़ने का आग्रह किया है।

उन्होंने न्याय दिलाने के लिए उठाए गए कदमों को “राजनीतिक बदला” कहने की प्रवृत्ति पर आपत्ति जताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार किसी के साथ राजनीतिक आस्था या विचारधारा के आधार पर भेदभाव नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि न्याय पाने का पहला हक शहीद की मां का है। इसे प्रतिशोध नहीं कहा जा सकता। लामिछाने ने अपने संबोधन में यह संकेत दिया कि सरकार का मुख्य उद्देश्य न्याय सुनिश्चित करना है, विशेषकर उन परिवारों के लिए जिन्होंने आंदोलनों या हिंसक घटनाओं में अपने प्रियजनों को खोया है।

उन्होंने कहा कि शहीदों के परिवारों को न्याय दिलाना राज्य की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसे किसी भी तरह से राजनीतिक रंग देना उचित नहीं है।उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि सरकार निष्पक्षता के साथ काम करेगी और किसी भी व्यक्ति के साथ उसकी राजनीतिक विचारधारा के आधार पर अलग व्यवहार नहीं किया जाएगा।

लामिछाने का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब हाल ही में पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृहमंत्री रमेश लेखक की गिरफ्तारी को लेकर देश की राजनीति में बहस तेज हो गई है। कुछ राजनीतिक दलों और नेताओं ने इन गिरफ्तारियों को प्रतिशोध की राजनीति बताया है, जबकि सरकार इसे कानून के दायरे में की गई कार्रवाई बता रही है। उनके इस बयान को वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में संतुलन बनाने और न्यायिक प्रक्रिया को राजनीतिक विवादों से अलग रखने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास