नेपाल में बाढ़ के चलते उत्तरी सीमा से आपूर्ति प्रभावित, सीमा शुल्क राजस्व पर पड़ा असर
काठमांडू, 09 सितंबर (हि.स.)। रसुवा में आई विनाशकारी बाढ़ और कृष्णभीर में सड़क धंसने से उत्तरी सीमा से होने वाली आपूर्ति बाधित हुई है, जिसका सीमा शुल्क राजस्व पर भी बड़ा असर पड़ा है।
वित्त सचिव डॉ. घनश्याम उपाध्याय ने बताया कि रसुवागढ़ी सीमा नाके पर बाढ़ के कारण चीन से होने वाली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई थी। इसका सीधा असर सीमा शुल्क राजस्व में भी दिखाई दिया। प्रतिनिधि सभा की वित्त समिति की बैठक में उपाध्याय ने कहा कि रसुवागढ़ी के विकल्प के तौर पर आयात को सुचारु करने के लिए सरकार ने कोराला सीमा नाके पर अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती की थी। लेकिन कृष्णभीर में सड़क धंसने के बाद स्थिति और गंभीर हो गई तथा आपूर्ति मार्ग भी बाधित हो गया।
उपाध्याय के अनुसार बाढ़ में बेत्रावती–रसुवागढ़ी सड़क का 55 किलोमीटर हिस्सा पूरी तरह नष्ट हो गया है। वहीं गल्छी–देवीघाट सड़क के चार किलोमीटर हिस्से की पक्की सड़क को आंशिक नुकसान पहुंचा है। इसी तरह 10 किलोमीटर लंबी देवीघाट–त्रिशूली–बेत्रावती सड़क को भी आंशिक क्षति हुई है। उपाध्याय ने बताया कि चार जिलों में 33 मोटर चलने योग्य पुल पूरी तरह नष्ट हो गए, जबकि चार अन्य पुलों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा 68 झूला पुल भी क्षतिग्रस्त हुए हैं।उन्होंने बताया कि क्षतिग्रस्त मोटर चलने योग्य पुलों की कुल लंबाई करीब 3,000 मीटर है।
वित्त सचिव के अनुसार वित्तीय क्षेत्र में 12 बैंकों की 17 शाखाएं पूरी तरह या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुई हैं। आपदा से करीब 4,800 व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी प्रभावित हुए हैं। परिवहन के अलावा अन्य क्षेत्रों पर भी आपदा का व्यापक असर पड़ा है। शिक्षा क्षेत्र को भी बड़ा नुकसान हुआ है। 18 स्कूलों के 56 भवन पूरी तरह नष्ट हो गए, जिनमें कुल 308 कक्षाएं थीं। कुल 7,570 निजी भवन पूरी तरह या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। 48 सरकारी भवनों को नुकसान पहुंचा है, जिनमें से 35 पूरी तरह नष्ट हो गए।
विस्तृत आकलन के अनुसार बाढ़ से 1,259 होटल और रेस्तरां, 1,212 थोक एवं खुदरा कारोबार तथा बिजली, गैस और पानी से संबंधित 345 परियोजनाओं को गंभीर नुकसान पहुंचा है। इसी तरह 263 विनिर्माण उद्योग और सेवा क्षेत्र से जुड़ी 227 गतिविधियां भी गंभीर रूप से प्रभावित हुई हैं।कृषि क्षेत्र में भी नुकसान हुआ है। बाढ़ से 1,806 हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि प्रभावित हुई है। उपाध्याय ने बताया कि 13 जलविद्युत परियोजनाएं और 25 सिंचाई परियोजनाएं भी प्रभावित हुई हैं। वित्त सचिव उपाध्याय ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री राहत कोष में नेपाल के भीतर और विदेशों से लगातार आर्थिक सहयोग प्राप्त हो रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास

