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नेपाल : बाढ़ के बाद त्रिशूली नदी के कटान से पृथ्वी राजमार्ग क्षतिग्रस्त, यातायात प्रभावित

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नेपाल : बाढ़ के बाद त्रिशूली नदी के कटान से पृथ्वी राजमार्ग क्षतिग्रस्त, यातायात प्रभावित


काठमांडू, 04 सितंबर (हि.स.)। रसुवा में आई बाढ़ के बाद त्रिशूली नदी के कटान से पृथ्वी राजमार्ग के विभिन्न स्थानों पर सड़क धंस गई है, जिससे यातायात प्रभावित हुआ है।

नेपाल की संघीय राजधानी काठमांडू को पश्चिमी क्षेत्र से जोड़ने वाले इस प्रमुख राजमार्ग पर नदी के कटान के कारण कई जगहों पर आवागमन पूरी तरह ठप होने की स्थिति पैदा हो गई है। नागढुंगा–मुग्लिन सड़क परियोजना के पूर्वी खंड के इंजीनियर राजीव मानन्धर के अनुसार, मलेखु से पहले कृष्णभीर में बाढ़ के कारण करीब 120 मीटर सड़क कटने के बाद भूस्खलन हुआ और सड़क धंस गई। वहीं, मलेखु से काठमांडू की ओर करीब एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित परेवाभीर में भी करीब 100 मीटर सड़क नदी के कटान की चपेट में आई है।

इसी तरह छहरे–चालिसे क्षेत्र में करीब 40 मीटर सड़क कटने के कारण फिलहाल एकतरफा यातायात संचालित हो रहा है। नागढुंगा चेकपोस्ट से करीब 500 मीटर दूर भी लगभग 80 मीटर सड़क पर भूस्खलन हुआ है, जिसके चलते केवल एक लेन से यातायात चल रहा है। पृथ्वी राजमार्ग की स्थिति जोखिमपूर्ण होने के कारण सड़क विभाग ने यात्रियों और मालवाहक वाहनों को वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने की सलाह दी है।

विभाग के अनुसार, बड़े मालवाहक वाहनों के लिए बीपी राजमार्ग, कान्ति लोकपथ और त्रिभुवन राजपथ को वैकल्पिक मार्ग के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। हेटौँडा–फर्पिङ होते हुए काठमांडू आने वाले छोटे वाहनों के लिए भी वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किया गया है।

इस बीच, फिस्लिङ क्षेत्र में रुके यात्रियों के लिए ज्यामिरेघाट पुल होते हुए गोरखा के सिउरेनीटार–घ्याल्चोक से बेनीघाट पुल तक पहुंचने वाले वैकल्पिक मार्ग का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। वहीं, परेवाटार में सड़क की मरम्मत पूरी करने के बाद 12 चक्के तक के मालवाहक वाहनों को चलाने की तैयारी की जा रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास