पश्चिम बंगाल से जुड़े नेपाल की सीमा पर हाईअलर्ट, बांग्लादेशी, रोहिंग्या के प्रवेश पर रोक
काठमांडू, 14 मई (हि.स.)। भारत के पश्चिम बंगाल से सटे नेपाली सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा करते हुए हाई अलर्ट पर रखा गया है। भारत से नेपाल में प्रवेश करने वाले हर एक व्यक्ति की जांच की जा रही है। एक विशेष समुदाय के लोगों पर नेपाल में प्रवेश करने के बाद भी सुरक्षा बलों द्वारा उन पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
पश्चिम बंगाल की नई सरकार की नीति के कारण अवैध बांग्लादेशी और रोहिंग्याओं के विस्थापित होकर नेपाल प्रवेश करने की आशंका जताई जा रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए नेपाल-भारत सीमा के पूर्वी नाकों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है।
नेपाल–भारत सीमा क्षेत्र के पूर्वी प्रवेश बिंदुओं पर बांग्लादेशी और रोहिंग्याओं के नेपाल में प्रवेश करने के संभावित जोखिम को देखते हुए पुलिस ने सीमा क्षेत्र में ‘हाई अलर्ट’ जारी किया है। सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी के बढ़ते प्रभाव और हालिया राजनीतिक घटनाक्रम के कारण वहां मौजूद रोहिंग्याओं को नेपाल की ओर घुसपैठ किए जाने की आशंका है, जिसके चलते पूर्वी सीमा क्षेत्रों में विशेष सुरक्षा रणनीति अपनाई गई है।
मोरंग जिले के पुलिस अधीक्षक कवित कटुवाल के अनुसार संभावित घुसपैठ रोकने के लिए सीमा पार करने वाले हर संदिग्ध व्यक्ति के पहचान पत्र की अनिवार्य जांच की जा रही है। पुलिस संदिग्ध व्यक्तियों की वेशभूषा, बोलचाल और लहजे के आधार पर भी सूक्ष्म निगरानी कर रही है।
उन्होंने कहा, “पहचान स्पष्ट न होने वाले और संदिग्ध तरीके से नेपाल में प्रवेश करने की कोशिश करने वालों को रोकने के लिए व्यापक रूप से सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। स्थानीय निकायों को भी सतर्क रहने और अपरिचित लोगों की गतिविधियों की तत्काल जानकारी देने को कहा गया है।”
पिछले वर्षों में ट्रकों में छिपकर परिवार सहित मजदूर बनकर ईंट-भट्ठों में रहने के मामलों को देखते हुए पुलिस ने ऐसे स्थानों पर भी निगरानी बढ़ा दी है। पुलिस ने ईंट-भट्ठा संचालकों को विदेशी नागरिकों या संदिग्ध व्यक्तियों को आश्रय न देने की चेतावनी दी है और ऐसा पाए जाने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की बात कही है।
सुरक्षा एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि मौजूदा स्थिति में चोरी-छिपे नेपाल में प्रवेश करना आसान नहीं है और पहचान पत्र के बिना प्रवेश को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है।
कोशी प्रदेश के डीआईजी विनोद घिमिरे ने बताया कि कोशी प्रदेश के सभी सीमा नाकों पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। हाल के दिनों में रोहिंग्याओं के प्रवेश की आशंका को देखते हुए विशेष निगरानी और सख्ती बढ़ाई गई है।
उन्होंने कहा, “अब तक रोहिंग्याओं के प्रवेश की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है। संभावित जोखिम को कम करने के लिए यह कदम उठाया गया है।”
पुलिस ने सीमा से आने वाले पर्यटकों का भी विस्तृत रिकॉर्ड रखना शुरू कर दिया है। वास्तविक पर्यटकों के नेपाल में ठहरने के स्थान और वापसी की तिथि का विवरण अनिवार्य किया गया है। डीआईजी घिमिरे के अनुसार, कुछ मामलों में राशन कार्ड जैसे दस्तावेज लेकर आने वाले लोगों का भी रिकॉर्ड रखा जा रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास

