( लीड) इजराइल, ईरान, कुवैत और लेबनान में घमासान, आसमान से बरसाए जा रहे आग के गोले
तेहरान/तेल अवीव/दुबई, 02 अप्रैल (हि.स.)। अमेरिका और इजराइल का ईरान के खिलाफ 28 फरवरी को शुरू किया गया एकीकृत सैन्य अभियान खाड़ी के करीब करीब सभी देशों तक फैल चुका है। अमेरिकी-इजराइली हमलों के जवाब में ईरान ने इजराइल एवं खाड़ी में उसके मित्र देशों में स्थित सैन्य, नागरिक एवं व्यावसायिक ठिकानों पर हमले बढ़ा दिये हैं।
विश्वसमुदाय के चौतरफा दबाव में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की लड़ाई समाप्त करने की परोक्ष कोशिशों को ईरानी नेतृत्व ने अविश्वास जता कर खारिज कर दिया है। हर पल बिगड़ते हालात के बीच अमेरिका ने अरब देशों से अपने नागरिकों को निकालने के लिए परामर्श जारी किया है।
पश्चिमी एवं खाड़ी देशों में ताज़ा मीडिया रिपोर्टों के अनुसार इजराइल, ईरान, कुवैत और लेबनान में घमासान मचा हुआ है। ईरान हर उस अरब देश पर हमला कर रहा है जो अमेरिकी सेना की मेजबानी करता है या उसका सहयोगी है। अमेरिका ने अपने नागरिकों से फौरन इराक छोड़ने को कहा है। चारों ओर रॉकेट, मिसाइल और ड्रोन के हमलों में आसमान से धरती पर लगातार आग के गोले गिराए जा रहे हैं।
अल जजीरा चैनल की रिपोर्ट के अनुसार, इजराइली सेना (आईडीएफ) ने कहा है कि आज तेहरान में ताबड़तोड़ हमला किया गया है। आईडीएफ का दावा है कि कल ईरान की राजधानी तेहरान में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) के एक बड़े बुनियादी ढांचे को जमींदोज कर दिया गया। आईडीएफ ने टेलीग्राम चैनल बयान जारी कर लिखा, तेहरान में जिन ठिकानों को निशाना बनाया गया, उनमें आईआरजीसी का एक महत्वपूर्ण जमीनी सैन्य अड्डा भी शामिल था। एक अन्य सैन्य मुख्यालय पर भी हमला किया। वहां कमांडर मौजूद थे। तबरीज़ में एक बैलिस्टिक मिसाइल भंडारण केंद्र को उड़ा दिया गया। बयान में दावा किया गया है कि युद्ध की शुरुआत से अब तक इजराइल ने पूरे ईरान में आईआरजीसी और ईरान की सेना के सैकड़ों ठिकानों को निशाना बनाया है।
ईरान को ट्रंप का दुष्चक्र बर्दाश्त नहींः इस बीच ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्र के नाम संबोधन पर आज तीखी प्रतिक्रिया दी। बगाई ने कहा, ''हम युद्ध, बातचीत, संघर्ष-विराम और फिर उसी पैटर्न को दोहराने के इस दुष्चक्र को बर्दाश्त नहीं करेंगे।'' उन्होंने इस संघर्ष को न सिर्फ ईरान बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए विनाशकारी बताया। बगाई ने कहा कि हमारी सेना हर हमले का मुकाबला करने को तैयार है। उन्होंने कहा कि यह युद्ध ईरान पर थोपा गया है। ईरान के पास मुकाबला करने के अलावा कोई और चारा नहीं है।
तेहरान में 33 हजार घरों को नुकसानः तेहरान पर जारी हमलों के बीच तेहरान के मेयर के प्रवक्ता अब्दोलमोहर मोहम्मदखानी ने कहा कि अमेरिका-इजराइली हमलों से अब तक राजधानी में 33,000 घरों को नुकसान पहुंचा है। इस नुकसान में कांच, दरवाजे और खिड़कियों जैसी छोटी-मोटी मरम्मत से लेकर बड़े पैमाने पर दोबारा निर्माण या पूरी तरह से नवीनीकरण तक शामिल है। उन्होंने बताया कि 1,869 परिवारों को रहने की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। 1,245 परिवारों को 23 अलग-अलग आवासीय परिसरों में स्थानांतरित कर दिया गया है।
अंतिम सांस तक लड़ेंगेः खतम-अल अंबिया सैन्य कमांड मुख्यालय का कहना है कि अमेरिका और इजराइल को ईरान की सैन्य शक्ति का अंदाजा नहीं है। ईरान की सेना दुश्मन से अंतिम सांस तक लड़ेगी। कमांड के प्रवक्ता ने कहा, ''हमारी सैन्य शक्ति और उपकरणों के बारे में अमेरिका और इजराइल की जानकारी अधूरी है। हमारे रणनीतिक मिसाइल उत्पादन केंद्र, लंबी दूरी के हमलावर और सटीक निशाना लगाने वाले ड्रोन, आधुनिक हवाई सुरक्षा और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली और विशेष उपकरणों का भंडार है। यह हमलों में नष्ट नहीं हुए हैं। जिन केंद्रों को निशाना बनाया गया वह मामूली थे।''
उत्तरी इजराइल पर हमलाः ईरान ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्र के नाम संबोधन के बाद हमले तेज कर दिए हैं। उत्तरी इजराइल में रॉकेट दागे गए। इससे ऊपरी गैलिली के हत्जोर, हाग्लिलिट और अमुका इलाकों में कोहराम मच गया। लोग घरों को छोड़कर सुरक्षित आश्रय की तलाश में इधर-उधर भागने लगे। किरयात शमोना में हुए रॉकेट हमले के बाद 85 और 34 साल के दो लोग घायल हो गए। इस हमले में एक घर दीवारें उड़ गईं।
अंतारा में मारकाटः इजराइल ने ईरान के अलावा लेबनान पर ताजा हमले किए हैं। आईडीएफ ने दक्षिणी लेबनान के पूरे इलाके में हवाई हमले किए हैं। इजराइल यहीं से जमीनी हमले की शुरुआत करेगा। बताया गया कि लेबनान में बुधवार तक मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,318 हो गई। इस चार हफ्ते के युद्ध में करीब 4,000 लोग घायल हैं। बुधवार को नबातीयेह जिले में इजराइल के हमले में पूरा परिवार (पति, पत्नी और उनकी दो बेटियां) मारे गए। इस बीच, हिजबुल्लाह ने इजराइल के खिलाफ अभियान जारी रखने का दावा किया है। आतंकी समूह ने कहा कि उसके लड़ाके लेबनान के अंदर मौजूद इजराइली सैनिकों को निशाना बना रहे हैं। यह लड़ाई जारी है। इसका मुख्य केंद्र अंतारा है। यहीं से लड़ाके रॉकेटों के जरिए इजराइली सैनिकों को निशाना बना रहा है। आतंकी संगठन का दावा है कि सीमा पार इजराइली सैनिकों, ठिकानों और बैरकों को भी निशाना बनाया गया है।
हिजबुल्लाह ने इजराइली सैनिकों पर दागे रॉकेटः हिजबुल्लाह ने दावा किया है कि लड़ाकों ने स्थानीय समय के अनुसार सुबह 6:10 बजे अल-मलिकिया और येरून की बस्तियों में मौजूद इजराइली सैनिकों पर रॉकेट दागे। लड़ाकों ने सुबह 6 बजे हमलावर ड्रोनों के एक झुंड से एवेन मेनाकेम बस्ती को निशाना बनाया। इजराइल के चैनल 12 ब्रॉडकास्टर ने कहा है कि लेबनान से दागे गए रॉकेटों की बौछार के बाद गैलिली क्षेत्र की एक बस्ती में आग लग गई। चैनल ने बताया कि कुछ ही मिनटों के भीतर इस क्षेत्र में 30 से अधिक रॉकेट दागे गए। उत्तरी शहर मेटुला में भी रॉकेट दागे गए हैं। लेबनान की नेशनल न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट में कहा गया है कि इजराइल के आज के हवाई हमले में दक्षिणी शहर कफर सिर में एक इमारत को निशाना बनाया है। हमले में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई है। एजेंसी ने यातार, हारूफ और जिबदीन शहरों में भी हवाई हमलों की जानकारी दी है। आईडीएफ ने आज ईरान के साथ युद्ध के दौरान लेबनान में अपने हमले बढ़ा दिए हैं।
कुवैत नेशनल बैंक का मुख्यालय बंदः इस युद्ध की लपटों की चपेट में आए सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि उसकी सुरक्षा प्रणालियों ने पिछले कुछ घंटों में चार ड्रोन को बीच में ही रोक दिया। उसने पहले एक मिसाइल को भी बीच में ही रोकने की जानकारी दी। इसके अलावा कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कल सातवीं बार हमला हुआ। देररात, अधिकारियों ने बताया कि आग बुझाई जा चुकी है। कुवैत में, इस लड़ाई में दूसरे लोगों के भी शामिल होने को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है। खासकर इराक में ईरान-समर्थित गुटों के शामिल होने को लेकर, जिसकी सीमा कुवैत से लगती है। इस बीच कुवैत नेशनल बैंक ने सुरक्षा कारणों से कल से अपना मुख्यालय बंद कर दिया है।
दूतावास की चेतावनी अमेरिकी इराक छोड़ देंः इराक में अमेरिकी राजदूतावास ने बयान में कहा कि इराक में ईरान से जुड़े मिलिशिया समूह अगले 24-48 घंटों में मध्य बगदाद में हमले करने की योजना बना सकते हैं। इसमें संभावित लक्ष्यों में अमेरिकी नागरिकों, व्यवसायों, विश्वविद्यालयों, राजनयिक सुविधाओं, ऊर्जा बुनियादी ढांचे, होटलों, हवाई अड्डों और संयुक्त राज्य अमेरिका से जुड़े माने जाने वाले अन्य स्थानों, साथ ही इराकी संस्थानों और नागरिक लक्ष्यों को सूचीबद्ध किया गया है। दूतावास के अनुसार, मिलिशिया ने अमेरिकियों के अपहरण की योजना भी बनाई है। दो दिन पहले बगदाद में एक अमेरिकी पत्रकार का अपहरण किया है। दूतावास ने चेतावनी दी है कि अमेरिकी नागरिकों को फौरान इराक छोड़ देना चाहिए।
ईरान के निशाने में हर वो देश, जो अमेरिका का दोस्त
उल्लेखनीय है कि यह युद्ध अब पूरे पश्चिम एशिया में फैल चुका है। ईरान के हमले मुख्य रूप से इजराइल के शहरों और उन पड़ोसी देशों पर केंद्रित हैं जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने या व्यापारिक केंद्र स्थित हैं। ईरान ने उन अरब देशों पर भी हमले किए हैं जो अमेरिकी सेना की मेजबानी करते हैं या अमेरिका के सहयोगी हैं। बहरीन में अमेजन के क्लाउड कंप्यूटिंग सेंटर को ईरानी हमले में नुकसान पहुंचा है। कतर के अल उदैद हवाई अड्डे पर मिसाइलें दागी गई हैं। जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य बेस पर ईरान ने मिसाइल हमला किया है। कुवैत और संयुक्त अरब अमीरात में ऊर्जा बुनियादी ढांचों और अमेरिकी सैन्य प्रतिष्ठानों के पास भी हमले हुए हैं। सऊदी अरब के सैन्य ठिकानों पर हुए हमलों में अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं। ईरान ने महत्वपूर्ण जलमार्ग ( स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज) में जहाजों पर हमले किए हैं। समुद्री सुरंग बिछाई हैं। बगदाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और अन्य क्षेत्रों में स्थित अमेरिकी ठिकानों पर हमले हुए हैं। दुनिया के व्यस्ततम हवाई अड्डों में से एक दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी सीधा हमला हुआ है।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकुंद

